मध्य प्रदेश: 600 OBC युवाओं को जापान-जर्मनी में नौकरी — देश का पहला सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने ऐतिहासिक पहल की है। NSE के सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर भारत का पहला ‘सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड’ फ्रेमवर्क जारी किया गया, जिसके लिए 22 अक्टूबर को मुंबई में बेल-रिंगिंग और MoU हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया गया। यह रोजगार के क्षेत्र में अभिनव वित्तपोषण का देश का पहला प्रयोग है।
इस पहल के तहत कुल 11.25 करोड़ रुपये का परिव्यय रखा गया है, जिसमें नाबार्ड ने 4 करोड़ रुपये का निवेश किया है। योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के 600 ग्रामीण OBC युवाओं में से 300 को जापानी भाषा और 300 को जर्मन भाषा का प्रशिक्षण NSDC इंटरनेशनल के माध्यम से दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इन युवाओं को जापान और जर्मनी में रोजगार दिलाया जाएगा। अनुमानित मासिक आय जापान में 1 से 1.2 लाख रुपये और जर्मनी में 1.1 से 3.2 लाख रुपये तक होगी।
यह पहल दिखाती है कि भाजपा शासित राज्य युवाओं के लिए सिर्फ देश में ही नहीं, विदेश में भी रोजगार के अवसर खोल रहे हैं। भाषा प्रशिक्षण के साथ कौशल विकास जोड़कर ग्रामीण युवाओं को अंतरराष्ट्रीय नौकरियों के योग्य बनाया जा रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कौशल विकास अभियान की भावना के अनुरूप है।
सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड ऐसा वित्तीय साधन है जिसमें निवेश तभी फायदेमंद होता है जब सामाजिक परिणाम हासिल होते हैं। रोजगार जैसे विषय पर इसका प्रयोग यह सुनिश्चित करेगा कि निवेश का असर सीधे युवाओं के जीवन पर पड़े। मध्य प्रदेश की यह पहल देश के अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल बन सकती है, जहां ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के बाद विदेशों में रोजगार दिलाया जा सकता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने इससे पहले भी युवाओं के लिए स्वरोजगार और कौशल विकास की कई योजनाएं चलाई हैं, जिनका सीधा लाभ प्रदेश के लाखों युवाओं को मिल रहा है।
