उत्तराखंड: ‘मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना’ को धामी कैबिनेट की मंजूरी, निराश्रित और एकल महिलाओं को मिलेगा आर्थिक संबल
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 22 अक्टूबर को देहरादून सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य की निराश्रित और एकल महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए ‘मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना’ को मंजूरी दी गई। बैठक में करीब 25-26 प्रस्तावों पर मुहर लगी। योजना का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर सम्मान और संबल प्रदान करना है। पात्रता, सहायता राशि और अन्य शर्तों का विस्तृत विवरण अलग से जारी होने पर स्थिति स्पष्ट होगी।
कैबिनेट ने आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले करीब 7,412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को भी मंजूरी दी। बैठक दोपहर 3:55 बजे शुरू हुई, जिसमें शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, खेल, ऊर्जा, पर्यटन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।
शिक्षा के क्षेत्र में कैबिनेट ने उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में दिव्यांग छात्र-छात्राओं को 5 अंकों की विशेष छूट (ग्रेस मार्क्स) देने का फैसला किया। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के मेधावी गरीब विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई, जिससे अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। ऊधमसिंह नगर के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को हाईस्कूल का दर्जा देने पर भी सहमति बनी।
खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पदक या पुरस्कार पाने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी, और हर जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षक तैनात किए जाएंगे। उच्च शिक्षा के लिए हरिद्वार में दो नए निजी विश्वविद्यालय — आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय — स्थापित करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। धामी सरकार के इन फैसलों को महिला सशक्तीकरण, शिक्षा और खेल तीनों क्षेत्रों में बड़ा कदम माना जा रहा है।
