हरियाणा: 1857 क्रांति स्थलों को जोड़ेगा हेरिटेज कॉरिडोर, समीक्षा बैठक में CM सैनी के निर्देश
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ने वाला एक हेरिटेज कॉरिडोर विकसित करने का निर्देश दिया है। चंडीगढ़ में 22 अक्टूबर को उन्होंने पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की ‘हरियाणा विजन 2047’ के तहत पांच वर्षीय कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित कुमार अग्रवाल ने कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में अनेक ऐसे ऐतिहासिक स्थल हैं जो राज्य के गौरवशाली अतीत की गवाही देते हैं। इन स्थलों को जोड़कर एक नया कॉरिडोर बनाया जाए, ताकि आमजन राज्य की समृद्ध विरासत से परिचित हो सके। उन्होंने कहा कि देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर नायकों की कहानियां आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचनी चाहिए और यही इस कॉरिडोर का उद्देश्य होगा।
सैनी ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता के लिए छेड़ा गया 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम अम्बाला कैंट से शुरू हुआ था। जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार ने अम्बाला कैंट में भव्य ‘शहीद स्मारक’ बनवाया है, जिसमें अम्बाला और अन्य जिलों के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े सभी स्थलों को दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्थलों का केवल संरक्षण ही नहीं, बल्कि एकीकृत विकास भी जरूरी है, ताकि जनता हरियाणा के इतिहास को एक ही कॉरिडोर में जान सके।
मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग के कामकाज में सुधार के भी व्यापक निर्देश दिए और हरियाणा को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कॉरिडोर को लेकर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पांच वर्षीय कार्ययोजना का लक्ष्य राज्य की प्राचीन सभ्यता, ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने राखीगढ़ी में सात दिवसीय विरासत महोत्सव का उद्घाटन किया था और राज्य के पुरातात्विक स्थलों के विकास पर लगातार जोर दे रहे हैं। विरासत गलियारे की यह योजना सरकार की उसी सांस्कृतिक प्राथमिकता की अगली कड़ी मानी जा रही है।
