जनसंघ से भाजपा तक 75 वर्ष: CM नायब सैनी बोले — डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का राष्ट्रसेवा का संकल्प आज विशाल वटवृक्ष
चंडीगढ़/नई दिल्ली। भारतीय जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने पर बुधवार को पूरे देश में भाजपा नेताओं ने संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने X पर लिखा — ‘जनसंघ से भाजपा तक: 75 वर्षों की राष्ट्रसेवा, विचार और समर्पण की गौरवशाली यात्रा!’ उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर 1951 को डॉ. मुखर्जी ने जो राष्ट्रवाद का बीज बोया था, वह आज विशाल वटवृक्ष बन चुका है, जिसे महान नेताओं के बलिदान और कार्यकर्ताओं की मेहनत ने सींचा है।
दिल्ली के गोल मार्केट में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने कमल के निशान के साथ जो दीप जलाया था, वह आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का सूर्य बन गया है। उन्होंने कहा कि जनसंघ से भाजपा तक की इस यात्रा का मूल मंत्र ‘राष्ट्र प्रथम’ रहा है और 75 वर्षों की इस यात्रा का संकल्प ‘त्याग से शिखर तक’ रहा है। अब लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत का निर्माण है।
नवीन ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश में दो विचारधाराएं थीं — एक भारत को पश्चिम का अनुकरण करने की पक्षधर थी, जबकि दूसरी भारत की आत्मा, संस्कृति और गौरव के अनुरूप विकास चाहती थी। डॉ. मुखर्जी ने दूसरी विचारधारा को राजनीतिक स्वर देते हुए जनसंघ की स्थापना की थी। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने और राम मंदिर निर्माण को इस यात्रा की प्रमुख उपलब्धियां बताया।
गौरतलब है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी। 1977 में यह जनता पार्टी में विलीन हुआ और 1980 में भाजपा का गठन हुआ। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और दिल्ली की CM रेखा गुप्ता समेत कई नेताओं ने भी इस अवसर पर X पर पोस्ट कर जनसंघ के 75 वर्षों को याद किया।
