केंद्र की VB-G RAM G योजना में फर्जी हाजिरी पर नकेल: शिवराज सिंह चौहान ने लॉन्च किया NMMS 2.0 ऐप
केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार योजना में फर्जी हाजिरी पर नकेल कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार 23 अक्टूबर को नई दिल्ली में नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) का उन्नत संस्करण NMMS 2.0 लॉन्च किया। यह ऐप वीबी-जी राम जी (विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना के तहत काम करने वाले मजदूरों की हाजिरी दर्ज करेगा — यह वही योजना है जो 1 जुलाई 2026 से मनरेगा की जगह पूरे देश में लागू है।
नए ऐप में AI-आधारित चेहरा सत्यापन, लाइवनेस डिटेक्शन और छेड़छाड़-रोधी सुरक्षा सुविधाएं हैं, जिससे फर्जी हाजिरी और घोस्ट वर्कर के नाम पर मजदूरी हड़पने पर रोक लगेगी। सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना नेटवर्क वाले इलाकों में भी ऑफलाइन हाजिरी दर्ज कर सकेगा और नेटवर्क मिलते ही डेटा सिंक हो जाएगा — दूर-दराज के गांवों में यह सुविधा बेहद काम की साबित होगी।
चौहान ने बताया कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत अब तक करीब 46 करोड़ मानव-दिवस रोजगार सृजित हो चुका है, जिसमें से लगभग 40 करोड़ चेहरे के सत्यापन से दर्ज हुए हैं। देश भर में 31.23 लाख कार्यस्थल सक्रिय हैं और 2.41 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों में 2.89 करोड़ ग्रामीण परिवारों के 3.65 करोड़ से अधिक श्रमिकों को रोजगार मिला है। केंद्र ने 2026-27 के लिए ₹95,692 करोड़ का आवंटन किया है, जो राज्यों के हिस्से के साथ ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक हो जाता है।
मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी की सुरक्षा और यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक धन पारदर्शी तरीके से अपने उद्देश्य के लिए ही खर्च हो। उन्होंने X पर लिखा कि विकसित भारत के लिए विकसित गांव बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है।
