हरियाणा की कोकिला का कमाल: एशियन पैरा गेम्स में विश्व चैंपियन को हराकर जूडो फाइनल में, पदक पक्का
हरियाणा की बेटी कोकिला ने जापान में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 में बड़ा कारनामा कर दिखाया है। जींद जिले के कसूण गांव की जूडोका कोकिला सोमवार को नगोया के आइची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल में महिला J2-52 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में चीन की मौजूदा विश्व चैंपियन यी लियू को 1-0 से हराकर फाइनल में पहुंच गई हैं। इस जीत के साथ उनका पदक पक्का हो गया है और अब वे स्वर्ण पदक के मुकाबले में उतरेंगी।
मुकाबला बेहद कड़ा रहा। दोनों जूडोका तकनीकी अंकों के लिए जूझती रहीं। कोकिला ने एक वाज़ा-अरी (जूडो का दूसरा सबसे बड़ा तकनीकी स्कोर) और एक युको हासिल किया। चीनी प्रतिद्वंद्वी यी लियू भी एक वाज़ा-अरी जुटा सकीं, जबकि कोकिला को मामूली नियम उल्लंघन पर एक शिदो पेनल्टी मिली। अंत में 1-0 के स्कोर से कोकिला ने बाज़ी मार ली। फाइनल में उनका सामना किर्गिस्तान की आइबिके उलानबेक किज़ी से होगा।
यह कोकिला के करियर की बड़ी छलांग है। पिछले एशियन पैरा गेम्स (हंगझाऊ) में उन्होंने -48 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता था — इस बार अलग वजन वर्ग में खेलते हुए उन्होंने सीधे फाइनल तक का सफर तय किया है। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के J2 वर्ग में उतरने वाली कोकिला पेरिस 2024 पैरालंपिक्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
पुरुष वर्ग में भारत के कपिल परमार पुरुषों के J1-70 किग्रा सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के जुनैदी से हार गए और अब कांस्य पदक के मुकाबले में उतरेंगे। भारत का एशियन पैरा गेम्स में अभियान जोरदार चल रहा है — इससे पहले तीरंदाज शीतल देवी ने महिला कंपाउंड रैंकिंग राउंड में 720 में से 704 अंक बनाकर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की थी।
