हरियाणा की चीनी मिलों में बनेगा एथेनॉल, गन्ना किसानों की बढ़ेगी कमाई
हरियाणा में सहकारी चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति सुधारने और गन्ना किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने एथेनॉल उत्पादन की प्रक्रिया तेज कर दी है। सोनीपत के राई स्थित एथनिक इंडिया पर्यटन केंद्र में सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने प्रदेश की सभी चीनी मिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और एथेनॉल प्लांट लगाने की संभावनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
बैठक में मिलों की उत्पादन क्षमता, तकनीकी जरूरतों और आर्थिक व्यवहार्यता पर चर्चा हुई। मंत्री ने शुगरफेड अधिकारियों से कहा कि चीनी मिलों को केवल चीनी उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय उनकी आय बढ़ाने के नए विकल्प तलाशे जाएं। इसके तहत मिलों की खाली पड़ी जमीन का बेहतर उपयोग करते हुए वेयरहाउस बनाने की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।
मंत्री ने आगामी गन्ना पेराई सत्र की तैयारियों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न होने दी जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों के गन्ने की एक-एक पोरी खरीदी जाएगी और गन्ना उत्पादकों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि तैयारियों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोनीपत में नई शुगर मिल लगाने की तैयारी भी चल रही है। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार धरातल पर उतार रही है और सहकारी चीनी मिलों को आत्मनिर्भर बनाना इसी दिशा में एक कदम है। गन्ने की खेती का दायरा बढ़ाने के लिए अधिकारियों से सुझाव भी मांगे गए हैं।
