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हरियाणा चिरायु योजना का बड़ा विस्तार: 1 नवंबर से 3 लाख से ज्यादा आय वाले परिवारों को भी मिलेगा 5 लाख तक कैशलेस इलाज

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हरियाणा के मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने चिरायु स्वास्थ्य योजना का दायरा बढ़ाकर अब उन परिवारों तक भी पहुंचा दिया है जिनकी सालाना आय 3 लाख रुपये से अधिक है। यह विस्तारित व्यवस्था 1 नवंबर 2026 यानी हरियाणा दिवस से लागू हो जाएगी, जिसके तहत पात्र परिवार हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस अस्पताल इलाज करा सकेंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस विस्तार की जानकारी दी है।

विस्तारित योजना में लाभ लेने के लिए परिवार को अपनी सत्यापित वार्षिक आय के अनुसार मामूली सालाना अंशदान देना होगा। जिन परिवारों की सत्यापित वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक और 6 लाख रुपये तक है, उन्हें हर साल 4000 रुपये का अंशदान देना होगा। वहीं, 6 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए सालाना अंशदान 5000 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके बदले में परिवार को प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार पैनलबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलेगा।

पात्रता की जांच परिवार पहचान पत्र यानी पीपीपी डेटाबेस के जरिए की जाएगी, जिसमें परिवार की सत्यापित आय दर्ज रहती है। अस्पताल में भर्ती होने के समय लाभार्थी को अपना आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड नंबर या पीपीपी आईडी देना होगा। पात्र परिवार आधिकारिक पोर्टल chirayuayushmanharyana.in के माध्यम से अपना सालाना अंशदान ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। हर कार्ड एक वर्ष के लिए वैध रहेगा और नीति अवधि 1 नवंबर से अगले वर्ष 31 अक्टूबर तक चलेगी।

यह योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के ढांचे पर आधारित है और इसके तहत द्वितीयक तथा तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। कुल 2694 उपचार पैकेजों के तहत सर्जरी, चिकित्सा उपचार और डे-केयर प्रक्रियाओं का लाभ मिलेगा। योजना की एक खास बात यह है कि पात्र परिवार के सदस्यों की संख्या और उनकी आयु पर कोई सीमा नहीं रखी गई है। इससे पहले 1.80 लाख से 3 लाख रुपये तक की आय वाले परिवार 1500 रुपये सालाना अंशदान पर इस योजना का लाभ ले रहे थे, और अब मध्यम वर्ग के परिवार भी इस सुरक्षा घेरे में आ जाएंगे।

हालांकि कुछ श्रेणियां इस विस्तारित योजना के दायरे से बाहर रहेंगी। केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना, पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना, रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं अथवा अन्य निर्दिष्ट सरकारी चिकित्सा योजनाओं के तहत सुविधा पाने वाले व्यक्ति इसके लिए पात्र नहीं होंगे। इसी तरह सरकारी नियमों के तहत चिकित्सा प्रतिपूर्ति या कैशलेस उपचार के हकदार सरकारी कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी और उनके आश्रित भी इससे बाहर रहेंगे। सरकार का कहना है कि इस विस्तार से मध्यम और उच्च आय वर्ग के अधिक परिवारों को अस्पताल के भारी खर्च से आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।


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