हरियाणा के 582 गांवों में बनेंगे विलेज नॉलेज सेंटर: 514 करोड़ की परियोजना को मंजूरी
हरियाणा सरकार ने ग्रामीण इलाकों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए बड़ी परियोजना को मंजूरी दी है। राज्य में 582 गांवों में विलेज नॉलेज सेंटर बनाए जाएंगे। इस परियोजना पर कुल 514.53 करोड़ रुपये खर्च होंगे और हर केंद्र पर करीब 88.33 लाख रुपये की लागत आएगी। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक यानी नाबार्ड के सहयोग से यह परियोजना आगे बढ़ाई जाएगी।
राज्य वित्त समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की और इसमें विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को निर्देश दिया कि परियोजना के लिए जरूरी वित्तीय मंजूरी प्राथमिकता के आधार पर जल्द दी जाए, ताकि इसका क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से हो सके। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को शहरी क्षेत्रों जैसी बेहतर और जरूरी सुविधाएं गांव में ही मिलें।
विलेज नॉलेज सेंटर गांवों में ऑल-इन-वन सहायता केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। यहां विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों के साथ अन्य विभागों के अधिकारी भी उपलब्ध रहेंगे। केंद्र में बैठक कक्ष, सरपंच कार्यालय, कॉमन सर्विस सेंटर कक्ष, डिजिटल लाइब्रेरी और केयरटेकर कक्ष जैसी सुविधाएं होंगी। इससे ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं और जानकारी के लिए अलग-अलग जगहों पर भटकना नहीं पड़ेगा।
इस परियोजना से गांवों में डिजिटल सेवाओं, जानकारी और सामुदायिक सुविधाओं का दायरा बढ़ेगा। विद्यार्थियों को डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ मिलेगा, जबकि ग्रामीणों को कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए सरकारी सेवाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। पंचायत से जुड़े कामों के लिए सरपंच कार्यालय और बैठक कक्ष की व्यवस्था भी केंद्र में ही रहेगी। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण विकास को गति मिलेगी और गांवों में सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
