हरियाणा सरकार ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता को हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) का चेयरमैन नियुक्त किया है। शुक्रवार को ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ की ओर से उनकी नियुक्ति के औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए। आदेश के अनुसार अरुण कुमार गुप्ता का कार्यकाल पद की शपथ लेने की तारीख से पांच वर्ष या 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो भी पहले होगा, रहेगा। यह नियुक्ति हरियाणा के राज्यपाल की ओर से विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 82 और 89 के तहत की गई है।
अरुण कुमार गुप्ता 1992 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और 30 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए थे। वह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रधान सचिव रह चुके हैं और मुख्यमंत्री के करीबी व भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाते हैं। प्रशासन में लंबे अनुभव और मुख्यमंत्री कार्यालय में काम करने के कारण उन्हें प्रदेश के प्रशासनिक कामकाज की गहरी समझ है। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के चेयरमैन के रूप में अब उनके नेतृत्व में आयोग के कामकाज की जिम्मेदारी संभाली जाएगी।
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के चेयरमैन का पद पिछले करीब साढ़े तीन महीने से खाली था। आयोग के निवर्तमान चेयरमैन नंदलाल शर्मा का 23 जुलाई को निधन हो गया था और तभी से यह पद रिक्त चल रहा था। अध्यक्ष पद के लिए कुल 78 आवेदन मिले थे और ऊर्जा विभाग की कमेटी ने उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करके चयन समिति को पैनल भेजा था। इसके बाद सरकार ने अरुण कुमार गुप्ता के नाम पर मुहर लगाई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने धनतेरस के दिन इस नियुक्ति को दीपावली का तोहफा बताते हुए प्रदेश के लिए इसे महत्वपूर्ण फैसला करार दिया।
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग प्रदेश में बिजली क्षेत्र का नियामक आयोग है। इसकी जिम्मेदारियों में बिजली दरों का निर्धारण और बिजली क्षेत्र से जुड़े नियामकीय मामलों पर निर्णय लेना शामिल है। आयोग के चेयरमैन के रूप में अरुण कुमार गुप्ता के सामने प्रदेश में बिजली आपूर्ति और नियामकीय फैसलों से जुड़े अहम मुद्दे रहेंगे। अनुभवी प्रशासक के रूप में उनकी नियुक्ति से आयोग के लंबित कामों को गति मिलने और बिजली क्षेत्र में पारदर्शी व व्यवस्थित निर्णय प्रक्रिया को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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