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सरकारी योजनाएँ

हरियाणा में सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा अनिवार्य, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर सभी इमारतों पर लगेंगे रूफटॉप सोलर पैनल

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा में सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा अनिवार्य, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर सभी इमारतों पर लगेंगे रूफटॉप सोलर पैनल
  • तारीख़: 6 नवम्बर 2026, 3:55 पूर्वाह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी सरकारी भवनों पर रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र लगाना अनिवार्य कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और सरकारी कार्यालय सहित कोई भी सरकारी भवन सौर ऊर्जा से वंचित न रहे। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के काम में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया, ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवारों और संस्थानों को सौर ऊर्जा का लाभ मिल सके।

अधिकारियों ने बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को बताया कि राज्य में अब तक 42,486 छतों पर रूफटॉप सौर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2027 तक 2,22,000 घरों और भवनों तक इस योजना को पहुँचाना है। हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार राज्य अगले सात वर्षों में 24,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके लिए नए सौर पार्क और बड़ी सौर परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

सरकारी भवनों और स्कूलों पर लगेंगे सौर संयंत्र

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बस अड्डों, स्कूलों, मेडिकल कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों सहित सभी सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएँ। अधिकारियों ने बताया कि 13 जिलों में 25 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं और इनके काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी भवनों की छतों पर सौर पैनल लगने से बिजली का खर्च घटेगा और बची हुई बिजली का उपयोग दूसरे कामों में हो सकेगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: पीएम सूर्य घर योजना को मिलेगी रफ्तार

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों की छतों पर सौर संयंत्र लगाने के लिए सरकार सब्सिडी दे रही है। इस योजना से परिवारों का बिजली का बिल कम होता है और उन्हें मुफ्त बिजली भी मिलती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना का प्रचार गाँव-गाँव तक किया जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार इससे वंचित न रहे। राज्य में मॉडल सौर गाँव पहल के तहत भी गाँवों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा रहा है, जिससे गरीब परिवारों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुँचेगी।

किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए भी सौर योजना

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खेतों की मेड़ों पर सौर पैनल लगाने की योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। इससे किसानों को बिजली के साथ-साथ आमदनी का एक नया साधन भी मिलेगा। ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी सौर ऊर्जा आधारित योजना बनाई जा रही है, जिसके तहत कम से कम दो किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्र लगाए जाएँगे। म्हारा गाँव जगमग गाँव योजना के तहत राज्य के 6,105 गाँवों को 24 घंटे बिजली मिल रही है और मार्च 2027 तक 2.22 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है। सरकारी कर्मचारियों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना भी चलाई जा रही है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सौर ऊर्जा हरियाणा के विकास की सोच का केंद्र है। स्वच्छ ऊर्जा से न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी, बल्कि राज्य बिजली के मामले में आत्मनिर्भर भी बनेगा। रूफटॉप सोलर के काम से स्थानीय स्तर पर स्थापना, रखरखाव और सेवा के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। बिजली निगमों के कर्मचारियों की चिंताओं पर भी बैठक में चर्चा हुई और कर्मचारियों को 500 रुपये मासिक जोखिम भत्ता देने की घोषणा की गई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: हरियाणा में सरकारी भवनों पर सौर पैनल अनिवार्य क्यों किए गए हैं?
उत्तर: सरकारी भवनों का बिजली खर्च कम करने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और राज्य को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर लगाना अनिवार्य किया है।

प्रश्न 2: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना क्या है?
उत्तर: इस योजना के तहत घरों की छतों पर सौर संयंत्र लगाने के लिए सरकार सब्सिडी देती है, जिससे परिवारों का बिजली बिल कम होता है और उन्हें मुफ्त बिजली मिलती है।

प्रश्न 3: हरियाणा में अब तक कितने रूफटॉप सोलर संयंत्र लग चुके हैं?
उत्तर: अधिकारियों के अनुसार राज्य में अब तक 42,486 छतों पर रूफटॉप सौर संयंत्र लगाए जा चुके हैं और 31 मार्च 2027 तक 2,22,000 का लक्ष्य रखा गया है।

प्रश्न 4: इस फैसले से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
उत्तर: सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा से बिजली की बचत होगी, गाँवों में मुफ्त और स्वच्छ बिजली पहुँचेगी, किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिलेगी और सौर ऊर्जा के कामों में स्थानीय रोजगार बढ़ेगा।


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