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सरकारी योजनाएँ

मोदी कैबिनेट ने ₹4371 करोड़ की VISTAR योजना को दी मंजूरी: AI-आधारित आंकड़ा प्रणाली, 59 सर्वेक्षण और 8वीं आर्थिक जनगणना

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: मोदी कैबिनेट ने ₹4371 करोड़ की VISTAR योजना को दी मंजूरी: AI-आधारित आंकड़ा प्रणाली, 59 सर्वेक्षण और 8वीं आर्थिक जनगणना
  • तारीख़: 5 नवम्बर 2026, 12:29 पूर्वाह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

केंद्र सरकार ने देश की आधिकारिक सांख्यिकीय व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ी योजना को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 4 नवंबर 2026 को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ‘विकसित भारत पहल फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च (VISTAR)’ योजना को मंजूरी दी गई। यह केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिस पर वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 4,371.10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इस योजना का उद्देश्य देश की आधिकारिक आंकड़ा प्रणाली को तेज, सटीक, विस्तृत और आपस में जुड़ी हुई बनाना है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड एनालिटिक्स का इस्तेमाल होगा, ताकि नीतियां सही और समय पर आंकड़ों के आधार पर बन सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने इस फैसले पर कहा कि बेहतर आंकड़ों का मतलब है बेहतर फैसले, बेहतर नीतियां और लोगों तक बेहतर सेवाएं। यह पहल विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जुड़ी है।

योजना के तीन मुख्य घटक हैं। पहला — व्यापक सांख्यिकीय संचालन और पारिस्थितिकी तंत्र का सुदृढ़ीकरण। इसके तहत सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) 16वें वित्त आयोग चक्र में 59 बड़े सर्वेक्षण कराएगा, जबकि पहले 43 सर्वेक्षण होते थे। इससे अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों के अहम डेटा अंतराल भरेंगे। नए मापदंड भी जारी किए जाएंगे, जैसे हेडलाइन इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन और इंडेक्स ऑफ अनइनकॉरपोरेटेड सेक्टर एंटरप्राइजेज।

दूसरा घटक — सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण के लिए सहायता (SSS 2.0)। इसके तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को उनकी सांख्यिकीय क्षमता बढ़ाने के लिए डिलीवरेबल से जुड़ी वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे जिला स्तर और 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विस्तृत अनुमान तैयार हो सकेंगे। तीसरा घटक — आर्थिक जनगणना। मंत्रालय राज्यों के सहयोग से आठवीं आर्थिक जनगणना कराएगा, जिसमें ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक गैर-कृषि प्रतिष्ठानों और उनमें काम करने वाले लोगों का विस्तृत डेटा जुटाया जाएगा। यह जनगणना असंगठित क्षेत्र के आकलन और राष्ट्रीय सांख्यिकीय व्यापार रजिस्टर की आधारशिला बनेगी।

कैबिनेट ब्रीफिंग में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी दी। इसी बैठक में सरकार ने क्रिटिकल मिनरल प्रसंस्करण के लिए 2,814 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी थी। VISTAR योजना से नीति निर्माताओं को समय पर और भरोसेमंद आंकड़े मिलेंगे, जिससे योजनाओं का लाभ लोगों तक तेजी और सटीकता से पहुंचेगा।

योजना के तहत मंत्रालय की सभी सांख्यिकीय और डेटा प्रबंधन गतिविधियां एक ही छत के नीचे आएंगी, जिससे संसाधनों को नीतिगत जरूरतों के हिसाब से लचीले ढंग से बांटा जा सकेगा। डिजिटल बदलाव, पद्धतिगत शोध और राष्ट्रीय डेटा गवर्नेंस पर भी जोर रहेगा। इसका सीधा फायदा जिला स्तर और बड़े शहरों के सटीक अनुमानों के रूप में मिलेगा, जिससे केंद्र और राज्य सरकारें योजनाएं बनाते समय जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझ सकेंगी।


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