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हरियाणा जैविक खाद सब्सिडी: किसानों को 80% तक अनुदान, मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकृत किसानों को लाभ

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा जैविक खाद सब्सिडी: किसानों को 80% तक अनुदान, मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकृत किसानों को लाभ
  • तारीख़: 4 नवम्बर 2026, 5:41 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: किसान
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा के किसानों के लिए जैविक खेती की दिशा में एक बड़ी राहत की खबर आई है। राज्य सरकार ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को जैविक खाद की खरीद पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी देने का फैसला किया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने 4 नवंबर को इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की बजट घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए कृषि विभाग ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में प्राकृतिक और जैविक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिले और किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि हो।

इस फैसले के तहत लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत हैं। पंजीकृत किसान जैविक खाद खरीदने पर उसकी कीमत का केवल लगभग पांचवां हिस्सा ही अपनी जेब से देंगे, जबकि बड़ा हिस्सा सरकार सब्सिडी के रूप में वहन करेगी। जैविक खाद से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और लंबे समय में खेती की लागत भी कम होती है, क्योंकि रासायनिक खादों पर निर्भरता घटती है। यही कारण है कि सरकार इस योजना को किसानों के हित में एक स्थायी कदम के रूप में देख रही है।

सरकार ने जैविक खाद की उपलब्धता को आसान बनाने के लिए डीलरों से जुड़ा एक और अहम फैसला भी लिया है। फर्मेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर, लिक्विड फर्मेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर और फॉस्फेट रिच ऑर्गेनिक मैन्योर जैसी जैविक खादों की 5 किलोग्राम तक की छोटी पैकिंग बेचने वाले डीलरों को लाइसेंसिंग नियमों में छूट दी गई है। 10 मीट्रिक टन तक का स्टॉक रखने वाले ऐसे डीलरों को यह छूट मिलेगी और इसे जल्द ही लागू किया जाएगा। इससे छोटे दुकानदार और ग्रामीण क्षेत्रों के विक्रेता भी आसानी से जैविक खाद बेच सकेंगे और किसानों को अपने गांव के पास ही खाद मिल सकेगी।

रबी सीजन 2026-27 के लिए पहले जारी जिला-स्तरीय दिशा-निर्देशों के अनुसार वर्मीकम्पोस्ट से जुड़ी प्रक्रिया में किसान 31 दिसंबर तक मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एक किसान को अधिकतम एक एकड़ क्षेत्र के लिए ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा। आवेदन के बाद किसानों को जिले के अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त डीलरों से 15 जनवरी 2027 तक स्वीकृत वर्मीकम्पोस्ट खरीदनी होगी और खरीद के बाद 30 जनवरी 2027 तक पोर्टल पर बिल अपलोड करना होगा। सब्सिडी की राशि वास्तविक बिल के 80 प्रतिशत अथवा सरकार द्वारा तय अधिकतम सीमा में से जो कम होगी, उसी के अनुसार दी जाएगी, इसलिए किसानों को खरीद से पहले अधिकृत डीलर और बिल की शर्तें जरूर जांच लेनी चाहिए।

कृषि मंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार प्राकृतिक और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जैविक खेती से न केवल मिट्टी और पर्यावरण को फायदा होता है, बल्कि किसानों को भी गुणवत्तापूर्ण उपज के लिए बेहतर बाजार मिलने की संभावना बढ़ती है। सरकार की अपील है कि पात्र किसान समय पर पोर्टल पर पंजीकरण और आवेदन पूरा करें, ताकि सब्सिडी का लाभ अंतिम तारीख से पहले सुनिश्चित हो सके। अधिकृत जानकारी के लिए किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और अपने जिले के कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।


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