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हरियाणा: दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग फोर लेन होगा, सोनीपत-पानीपत के 36 गांवों की जमीन अधिग्रहण की तैयारी

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  • खबर: हरियाणा: दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग फोर लेन होगा, सोनीपत-पानीपत के 36 गांवों की जमीन अधिग्रहण की तैयारी
  • तारीख़: 4 नवम्बर 2026, 3:52 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: विकास
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

दिल्ली-पानीपत-अंबाला रेलमार्ग को फोर लेन करने की योजना अब जमीन पर उतरने लगी है। उत्तर रेलवे ने इस व्यस्ततम रेलखंड पर तीसरी और चौथी पटरी बिछाने के लिए जिला प्रशासन को भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भेज दिया है। हरियाणा के सोनीपत जिले में राई तहसील के 5 गांवों, सोनीपत तहसील के 10 गांवों और गन्नौर तहसील के 6 गांवों की जमीन का चयन किया गया है, यानी अकेले सोनीपत जिले में 21 गांव इस प्रक्रिया से जुड़े हैं। इसके साथ ही पानीपत जिले के 15 गांवों की जमीन भी अधिग्रहण के दायरे में आ रही है। संबंधित तहसीलों से जमीन का रिकॉर्ड मांगा गया है और उसकी जांच के बाद अधिग्रहण की आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इस परियोजना की पृष्ठभूमि इसी वर्ष फरवरी में तैयार हुई थी, जब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली-अंबाला के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के निर्माण को मंजूरी दी थी। इस परियोजना पर करीब 5,983 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसे चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मंजूरी के समय बताया गया था कि दिल्ली-जम्मू रेल नेटवर्क की क्षमता इस विस्तार से कई गुना बढ़ जाएगी। दिल्ली से अंबाला तक का यह खंड उत्तर भारत को राजधानी से जोड़ने वाला सबसे महत्वपूर्ण रेल मार्गों में से एक है, इसलिए इसकी क्षमता बढ़ाना यात्रियों और माल ढुलाई दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।

भूमि अधिग्रहण की मौजूदा प्रक्रिया इसी बड़ी योजना का अगला चरण है। अभी राई, सोनीपत और गन्नौर तहसीलों से जमीन के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, ताकि अधिग्रहण के लिए जमीन की सही स्थिति सामने आ सके। इसके समानांतर पहले चरण के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया भी चल रही है, जिसमें बोली जमा करने की अंतिम तिथि 1 फरवरी बताई गई है। निर्माण कार्य मौजूदा रेलवे कॉरिडोर के साथ-साथ किया जाएगा, जिससे नए ट्रैक के लिए जरूरी जमीन चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा सके। परियोजना में नए रेल ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज भी शामिल हैं, ताकि सड़क और रेल यातायात एक-दूसरे में बाधा न बनें।

इस विस्तार का सीधा लाभ हरियाणा के सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिलों के यात्रियों को मिलेगा। अभी यह रेलखंड अपनी क्षमता से कहीं अधिक ट्रेनों का दबाव झेलता है, जिससे ट्रेनों की गति और समयबद्धता प्रभावित होती है। तीसरी और चौथी लाइन बनने के बाद इस मार्ग पर अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी, यात्रियों को बेहतर और आरामदायक सफर मिलेगा और मालगाड़ियों के लिए भी रास्ता सुगम होगा। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के बीच संपर्क मजबूत होने से व्यापार, पर्यटन और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।


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