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राजनीति

निर्मला सीतारमण का राहुल गांधी को जवाब: SIR और EVM पर संसद में करें बहस, सोशल मीडिया पर नहीं

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  • खबर: निर्मला सीतारमण का राहुल गांधी को जवाब: SIR और EVM पर संसद में करें बहस, सोशल मीडिया पर नहीं
  • तारीख़: 4 नवम्बर 2026, 1:03 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: राजनीति
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की बहस की चुनौती का तीखा जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर बहस करनी ही है तो उसके लिए संसद से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती। सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके राहुल गांधी से कहा कि वे खुद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और संसद में उन्हें अपनी बात रखने तथा सरकार से जवाब मांगने का पूरा अवसर मिलता है। वित्त मंत्री का यह जवाब राहुल गांधी की उस चुनौती के बाद आया है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस के लिए ललकारा था। सीतारमण ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर चुनौती देने के बजाय राहुल गांधी को सदन में आकर बहस करनी चाहिए।

वित्त मंत्री ने अपने पोस्ट में गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव का भी जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि अमित शाह एक दिन पहले ही कह चुके हैं कि सरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है। सीतारमण ने पूछा कि जब सरकार ने विशेष सत्र का प्रस्ताव पहले ही दे दिया है, तब राहुल गांधी संसद में बहस के लिए वही उत्साह क्यों नहीं दिखाते जो वे सोशल मीडिया पर चुनौती देते समय दिखाते हैं। उन्होंने राहुल गांधी के ‘डरो मत’ वाले नारे का भी जवाब दिया और कहा कि अगर वे अपनी बात को लेकर आश्वस्त हैं तो तथ्यों के साथ सामने आएं, सवालों की जांच का सामना करें और जवाब सुनने के लिए सदन में मौजूद भी रहें।

सीतारमण ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के सदन में व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई मौकों पर ऐसा हुआ है कि जब सरकार विपक्ष के सवालों और आरोपों का जवाब देने के लिए खड़ी हुई, तब कांग्रेस और उसके सहयोगी दल सदन से बाहर चले गए। वित्त मंत्री का कहना है कि सवाल पूछने का अधिकार मांगने के साथ-साथ जवाब सुनने की जिम्मेदारी भी होती है। उन्होंने पूछा कि अगर बहस की इतनी ही इच्छा है तो पहले संसद को चलने क्यों नहीं दिया जाता।

इस जवाब में सीतारमण ने कांग्रेस की ओर से हाल में आयोजित एक कार्यक्रम का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने संसद का मजाक बताया। दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी नेताओं की एक ‘मॉक पार्लियामेंट’ यानी नकली संसद का आयोजन हुआ था, जिस पर भाजपा पहले से ही सवाल उठा रही है। सीतारमण ने कहा कि असली संसद के प्रति भी वही समर्पण दिखाया जाना चाहिए जो नकली संसद के आयोजन में दिखाया गया। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने भी इस मुद्दे पर राहुल गांधी पर तंज कसा। भाजपा का कहना है कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और ईवीएम को लेकर लगातार सवाल उठाता है, लेकिन जब सरकार चर्चा के लिए तैयार होती है तो विपक्ष सदन में टिकता नहीं है।

पृष्ठभूमि यह है कि राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी को खुली बहस की चुनौती को और तेज कर दिया था और सोशल मीडिया पर युवाओं से पूछा था कि क्या वे दोनों नेताओं के बीच सीधी बहस देखना चाहते हैं। इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में कहा था कि सरकार संसद में एसआईआर सहित हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है। अब वित्त मंत्री के जवाब के बाद यह टकराव और साफ हो गया है — सरकार का रुख है कि बहस हो, लेकिन संसद के अंदर हो।


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