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राजनीति

अमित शाह से मिले चिरंजीवी और राम चरण: AI डीपफेक के दुरुपयोग पर सख्त सुरक्षा उपायों का आश्वासन

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  • खबर: अमित शाह से मिले चिरंजीवी और राम चरण: AI डीपफेक के दुरुपयोग पर सख्त सुरक्षा उपायों का आश्वासन
  • तारीख़: 4 नवम्बर 2026, 11:22 पूर्वाह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: राजनीति
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हैदराबाद में मेगास्टार चिरंजीवी और उनके बेटे अभिनेता राम चरण ने 2 नवंबर को मुलाकात की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई तथा डीपफेक तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग का मुद्दा उठाया। यह मुलाकात चिरंजीवी के हैदराबाद स्थित आवास पर हुई, जिसमें केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी भी मौजूद रहे। चिरंजीवी ने गृह मंत्री के सामने कलाकारों को निशाना बनाकर बनाए जा रहे मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक वीडियो की समस्या विस्तार से रखी और पूरे फिल्म उद्योग की ओर से इसके खिलाफ कड़े सुरक्षा उपायों और सख्त कार्रवाई की मांग की। गृह मंत्री अमित शाह ने उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले की तत्काल समीक्षा करेगी तथा मजबूत सुरक्षा उपायों और कड़े दंडात्मक प्रावधानों की दिशा में काम करेगी। उन्होंने चिरंजीवी को इस विषय पर एक लिखित प्रस्तुति देने की सलाह दी और मामले के समन्वय की जिम्मेदारी जी. किशन रेड्डी को सौंपी।

इस मुलाकात की पृष्ठभूमि में चिरंजीवी की वह चिंता है, जिसे उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी जाहिर किया था। उनका कहना था कि एआई से बनाए गए फर्जी और छेड़छाड़ वाले वीडियो कलाकारों के सम्मान, अधिकारों और रचनात्मक काम को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह समस्या केवल किसी एक कलाकार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे फिल्म उद्योग और उन सभी लोगों पर पड़ रहा है, जिनकी छवि का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। चिरंजीवी ने इसे सिर्फ सोशल मीडिया की शिकायत तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सीधे सरकार के सामने उठाया। राम चरण ने भी मुलाकात के बाद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर तस्वीरें साझा कीं और लिखा कि अपने पिता के साथ गृह मंत्री से मिलकर उन्हें सम्मान महसूस हुआ। उन्होंने गृह मंत्री की समझ और सकारात्मक प्रतिक्रिया को उत्साहजनक बताया और तत्काल समीक्षा व सख्त कार्रवाई के आश्वासन से प्रोत्साहन मिलने की बात कही।

यहां एक बात साफ रखना जरूरी है कि इस मुलाकात में किसी नए कानून की घोषणा नहीं हुई है और न ही कोई तय समयसीमा बताई गई है। गृह मंत्री का आश्वासन इस बात का है कि सरकार मामले को गंभीरता से देखेगी और मौजूदा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगी। भारत में डीपफेक के दुरुपयोग से निपटने के लिए पहले से कुछ कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत पहचान की चोरी, प्रतिरूपण और निजता के उल्लंघन से जुड़ी धाराएं लागू हो सकती हैं, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर प्रतिरूपण वाली और निजता का उल्लंघन करने वाली सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी तय की गई है। फरवरी 2026 के संशोधनों में स्वीकार्य एआई सामग्री के लिए लेबलिंग और मेटाडेटा की व्यवस्था मजबूत की गई थी, और जुलाई 2026 में मंत्रालय ने गैरकानूनी एआई सामग्री को तेजी से हटाने की बात कही थी।

इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी बड़ा है, क्योंकि डीपफेक तकनीक अब सिर्फ फिल्मी दुनिया तक सीमित नहीं रही है। अब इसका गलत इस्तेमाल किसी भी व्यक्ति की छवि, आवाज और पहचान को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए यह मुद्दा आम नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा से भी जुड़ता है। तत्काल समीक्षा का आश्वासन और लिखित प्रस्तुति की प्रक्रिया दिखाती है कि इसे ठोस प्रक्रिया से आगे बढ़ाया जा रहा है। चिरंजीवी ने इसे फिल्म जगत के लिए उत्साहजनक बताया है और जल्द प्रभावी सुरक्षा उपायों की उम्मीद जताई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि लिखित प्रस्तुति के बाद कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।


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