हरियाणा सरकार ने मंगलवार 3 नवंबर 2026 को चंडीगढ़ में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विकास और युवाओं की सुरक्षा से जुड़े 7 बड़े फैसले लिए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा सिविल सचिवालय में हुई इस बैठक में रखे गए सभी 7 एजेंडों को मंजूरी दे दी गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने खुद फैसलों की जानकारी दी, जिनमें नई लैंड पूलिंग नीति, ट्रैवल एजेंटों के पंजीकरण के सख्त नियम और संविधान दिवस पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना शामिल है।
सबसे अहम फैसलों में नई लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी गई है, जिसका मकसद विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाना है। इस नीति के तहत स्वीकृत लेआउट प्लान के अनुसार परियोजना के कुल बिक्री योग्य क्षेत्र का 50 प्रतिशत हिस्सा भू-मालिकों को और शेष 50 प्रतिशत विकास एजेंसी को मिलेगा। भू-मालिकों के हिस्से में से पात्रता के अनुसार कुछ हिस्सा वाणिज्यिक साइट के रूप में भी दिया जाएगा। भू-मालिकों को मिलने वाले विकसित प्लॉट का न्यूनतम आकार तय किया गया है — आवासीय प्लॉट 100 वर्ग मीटर, संस्थागत प्लॉट 500 वर्ग मीटर और औद्योगिक प्लॉट 250 वर्ग मीटर होगा। लैंड एंटाइटलमेंट सर्टिफिकेट धारक अपने प्रमाणपत्रों को आपस में जोड़कर बड़े आकार के विकसित प्लॉट के लिए संयुक्त रूप से आवेदन भी कर सकेंगे। साथ ही, भू-मालिकों को आर्थिक सहायता के तौर पर प्रति एकड़ प्रति वर्ष 1 लाख रुपये की अंतरिम वित्तीय सहायता दी जाएगी, जो भूमि के योगदान के अनुपात में सेल डीड के पंजीकरण की तिथि से चार वर्ष तक देय होगी।
युवाओं को ठगी से बचाने के लिए मंत्रिमंडल ने हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन नियम 2026 को भी मंजूरी दी है। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को धोखाधड़ी करने वाले ट्रैवल एजेंटों, अवैध विदेश भर्ती, मानव तस्करी और डंकी रूट जैसी अवैध गतिविधियों से बचाना है। अब प्रदेश में ट्रैवल एजेंट का व्यवसाय करने वाले सभी नए और पहले से कार्यरत एजेंटों के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा। प्रत्येक नए कार्यालय अथवा शाखा के लिए अलग पंजीकरण कराना होगा और प्रत्येक सेवा श्रेणी — पासपोर्ट सेवाएं, टूर एवं ट्रैवल एजेंसी सेवाएं, स्टडी वीजा कंसल्टेंसी और टिकटिंग सेवाएं — के लिए भी अलग पंजीकरण आवश्यक होगा। पुलिस सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सक्षम प्राधिकारी की ओर से 30 दिनों के भीतर पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जो तीन वर्ष तक वैध रहेगा। पंजीकृत ट्रैवल एजेंटों की जिला-वार सूची और उनके प्रमाणपत्र अंत्योदय सरल पोर्टल तथा गृह विभाग एवं पुलिस विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि कोई भी युवा एजेंट की प्रामाणिकता आसानी से जांच सके।
बैठक में संविधान दिवस के अवसर पर 26 नवंबर 2026 को हरियाणा विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का भी ऐलान किया गया। इसके अलावा, जूनियर लेक्चर असिस्टेंट की भर्ती एवं पदोन्नति के लिए हरियाणा एजुकेशनल कॉलेज कैडर सेवा नियम 1986 में संशोधन को मंजूरी दी गई। अब इस पद पर सीधी भर्ती और पदोन्नति के लिए अभ्यर्थी का भौतिक, रसायन, गणित या जीव विज्ञान विषयों के साथ 10+2 उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। सीधी भर्ती के लिए मान्यता प्राप्त कॉलेज में लैबोरेटरी अटेंडेंट के रूप में पांच वर्ष का अनुभव जरूरी होगा, जबकि पदोन्नति के लिए 10+2 या समकक्ष योग्यता तथा नियमित नियुक्ति के बाद लैबोरेटरी अटेंडेंट के रूप में पांच वर्ष का अनुभव निर्धारित किया गया है। सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 42 वर्ष तय की गई है।
मंत्रिमंडल ने 16 नवंबर 2021 को अधिसूचित ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) नीति में संशोधनों को भी मंजूरी दी। अब टीडीआर प्रमाणपत्र के मूल्यांकन की गणना आवेदन जमा करने की तिथि पर लागू औसत कलेक्टर दर के आधार पर होगी, और यह संशोधित फार्मूला उन सभी लंबित आवेदनों पर भी लागू होगा, जिनमें टीडीआर उपयोग प्रमाणपत्र जारी करने की अनुमति या सैद्धांतिक मंजूरी अभी नहीं दी गई है। साथ ही, टीडीआर प्रमाणपत्रों के उपयोग का दायरा बढ़ाया गया है — पहले इनका उपयोग केवल उसी डेवलपमेंट प्लान तक सीमित था, जिसके लिए प्रमाणपत्र जारी किया जाता था, लेकिन अब इनका उपयोग प्रदेश की किसी भी कम संभावित विकास योजना में भी किया जा सकेगा। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार गौशालाओं के विकास और संरक्षण की दिशा में लगातार कदम उठा रही है — गौशालाओं को चारे और शैड निर्माण के लिए अनुदान दिया जाता है और हाल ही में प्रदेश की 629 गौशालाओं को 86 करोड़ 95 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। पराली के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसान आज पराली नहीं जला रहे हैं, बल्कि उसे आय का साधन बना रहे हैं, और सरकार ने किसानों को इसके लिए उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं।

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