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हरियाणा: किसानों को मुफ्त बागवानी प्रशिक्षण, सुंदरा महेंद्रगढ़ केंद्र में 5 दिन के बैच, 20 सीटें प्रति बैच

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा: किसानों को मुफ्त बागवानी प्रशिक्षण, सुंदरा महेंद्रगढ़ केंद्र में 5 दिन के बैच, 20 सीटें प्रति बैच
  • तारीख़: 3 नवम्बर 2026, 5:32 पूर्वाह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: किसान
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा के किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती से जोड़ने के लिए राज्य सरकार मुफ्त बागवानी प्रशिक्षण दे रही है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने जानकारी दी है कि उद्यान विभाग महेंद्रगढ़ जिले के सुंदरा स्थित एकीकृत बागवानी विकास केंद्र में 2026-27 के दौरान किसानों के लिए अलग-अलग विषयों पर 5 दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इन कार्यक्रमों का मकसद किसानों को नई तकनीक सिखाकर उनकी आमदनी बढ़ाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों का कैलेंडर पहले से तय है। सब्जियों की संरक्षित खेती का प्रशिक्षण 7 से 11 सितंबर और 14 से 18 दिसंबर 2026 को दिया जाएगा। मशरूम उत्पादन और तकनीक का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण 14 से 18 सितंबर, 5 से 9 अक्टूबर और 2 से 6 नवंबर 2026 को आयोजित किया जा रहा है, यानी मौजूदा बैच अभी चल रहा है। बागवानी फसलों की जैविक खेती का प्रशिक्षण 12 से 16 अक्टूबर को हुआ, जबकि खुले खेत में बागवानी फसलों के उत्पादन का प्रशिक्षण 16 से 20 नवंबर और 7 से 11 दिसंबर 2026 को दिया जाएगा। युवाओं और किसानों को नर्सरी प्रबंधन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी खास मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। हरियाणा बागवानी नर्सरी नियम 2026 के तहत नर्सरी प्रबंधन के प्रशिक्षण कार्यक्रम 30 नवंबर से 4 दिसंबर 2026, 28 दिसंबर 2026 से 1 जनवरी 2027, 18 से 22 जनवरी 2027, 1 से 5 फरवरी 2027 और 15 से 19 फरवरी 2027 को आयोजित होंगे। हर बैच में 20 सीटें निर्धारित की गई हैं और चयन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगा। इस प्रशिक्षण के लिए हरियाणा के सभी जिलों के 18 से 60 वर्ष आयु के किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन उद्यान विभाग के पोर्टल kaushal.hortharyana.gov.in के माध्यम से किए जा सकते हैं। इच्छुक किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पसंद के बैच के लिए समय रहते आवेदन करें, क्योंकि सीटें सीमित हैं। यह पहल किसानों को आधुनिक बागवानी अपनाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में एक उपयोगी कदम है।


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