PM मोदी का बड़ा एलान: अगले 10 साल में 500 GW और नवीकरणीय ऊर्जा, 20 लाख करोड़ के निवेश अवसर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने निवेशकों को भारत में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश का न्योता दिया और कहा कि देश में राजनीतिक और नीतिगत स्थिरता है, इसलिए ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े अवसर मौजूद हैं। यह शिखर सम्मेलन 2 से 5 नवंबर तक चलेगा और इसमें 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत की स्वच्छ ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता 300 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य हासिल कर लेगा। इसके आगे की राह बताते हुए उन्होंने कहा कि देश अगले 10 से 11 साल में करीब 500 गीगावाट और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ेगा। उन्होंने इसे कठिन लेकिन हासिल करने योग्य लक्ष्य बताया।
निवेश की संभावनाओं पर प्रधानमंत्री ने कहा कि दशक के अंत तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में हुए RE-INVEST शिखर सम्मेलन के बाद से महज दो साल में इस क्षेत्र में करीब 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है। यह आँकड़ा भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा पर निवेशकों के भरोसे को दिखाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा सीधे आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी है और भविष्य की ऊर्जा जरूरतें स्वच्छ ऊर्जा से ही पूरी होंगी। पिछले कुछ सालों में दुनिया ने कोरोना महामारी से लेकर पश्चिम एशिया के संकट तक कई झटके देखे हैं, लेकिन भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत बनी रही। उन्होंने कहा कि अगर भारत ने पिछले एक दशक में स्वच्छ ऊर्जा में निवेश नहीं किया होता और इसके लिए नई व्यवस्थाएँ विकसित नहीं की होतीं, तो देश का संकट बाकी दुनिया की तुलना में कहीं अधिक गंभीर हो सकता था।
भारत ने अपनी कुल स्थापित बिजली क्षमता में 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों से हासिल कर लिया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि पेरिस समझौते के तहत लिया गया यह संकल्प भारत ने वर्ष 2025 में ही पूरा कर लिया, जो तय समय से पाँच साल पहले है। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा को मिलाकर देश की गैर-जीवाश्म क्षमता लगातार बढ़ रही है और दुनिया में नवीकरणीय ऊर्जा व सौर क्षमता में भारत तीसरे स्थान पर है।
घरों और किसानों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुँचाने की योजनाओं का भी प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया। फरवरी 2024 में शुरू हुई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत एक करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है। किसानों के लिए पीएम-कुसुम के तहत सोलर पंपों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत दशक के अंत तक 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
इस शिखर सम्मेलन की खासियत यह है कि इसके साथ अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की 9वीं असेंबली और चौथा अंतरराष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन सम्मेलन भी आयोजित हो रहा है। प्रधानमंत्री ने विकासशील देशों के लिए 200 मिलियन डॉलर की अफ्रीका सोलर सुविधा का भारत का प्रस्ताव भी दोहराया। ‘निवेश, नवाचार, प्रेरणा’ की थीम पर हो रहे इस सम्मेलन में 400 से अधिक प्रदर्शक सौर, पवन, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण की नई तकनीकें दिखा रहे हैं। प्रधानमंत्री का संदेश साफ रहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में न सिर्फ अपने लक्ष्य पूरे करेगा, बल्कि दुनिया के लिए भी एक भरोसेमंद साझेदार बनेगा।
