हरियाणा पुलिस STF के 10 जांबाजों को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक 2026: इंटेलिजेंस और आतंक-रोधी अभियान में उत्कृष्ट काम का सम्मान
हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के 10 अधिकारियों और कर्मचारियों को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक के लिए चुना गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर को इन पदकों की घोषणा की। STF के जवानों को इंटेलिजेंस और स्पेशल ऑपरेशन (आतंकवाद-रोधी) की श्रेणियों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए यह राष्ट्रीय सम्मान दिया जा रहा है।
यह पदक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 1 फरवरी 2024 को शुरू किया था। इसका उद्देश्य पुलिस, सुरक्षा, खुफिया और फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में असाधारण कौशल, कर्तव्यनिष्ठा और चुनौतीपूर्ण अभियानों में उत्कृष्ट योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देना है। वर्ष 2026 के लिए देशभर से कुल 490 अधिकारियों और कर्मचारियों को इस पदक के लिए चुना गया है, जिनमें विशेष अभियानों में 358, उत्कृष्ट जांच में 123 और फॉरेंसिक विज्ञान में 9 कर्मी शामिल हैं।
इंटेलिजेंस श्रेणी में STF के एसएसपी वसीम अकरम, डीएसपी प्रदीप, सब-इंस्पेक्टर वरुण और सिपाही वरुण जांगड़ा का चयन हुआ है। इस श्रेणी में टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुफिया समन्वय और पेशेवर दक्षता के लिए सम्मानित किया जा रहा है। टीम ने अंबाला के भगोड़े वेंकट गर्ग को जॉर्जिया से भारत प्रत्यर्पित कराने में अहम भूमिका निभाई, जिसे 11 जून 2026 को सुरक्षित भारत लाया गया। वेंकट गर्ग 34 गंभीर मामलों में वांछित था।
स्पेशल ऑपरेशन श्रेणी में डीएसपी अमन कुमार, सब-इंस्पेक्टर गौरव सिंह, सब-इंस्पेक्टर रणदीप सिंह, सब-इंस्पेक्टर कपिल, सब-इंस्पेक्टर संदीप और सिपाही साजन सिंह को पदक मिलेगा। इस श्रेणी में चयन का प्रमुख आधार पाकिस्तान स्थित आतंकी शहजाद भट्टी के नेटवर्क के खिलाफ चलाया गया सफल अभियान रहा, जिसमें STF ने अपनी कार्यकुशलता और अदम्य साहस का परिचय दिया।
इस सम्मान से हरियाणा पुलिस का राष्ट्रीय स्तर पर गौरव बढ़ा है। STF की यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए भी प्रेरणा है कि कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कर्तव्यनिष्ठा से किया गया काम देशभर में पहचान दिलाता है। हरियाणा सरकार और पुलिस विभाग ने इन सभी अधिकारियों और जवानों के उत्कृष्ट कार्य की सराहना की है।
