हरियाणा सिरसा ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल: ओलावृष्टि से खराब फसल का ब्योरा दर्ज करने की अंतिम तिथि 2 और 3 नवंबर
हरियाणा के सिरसा जिले के किसानों के लिए फसल नुकसान का ब्योरा दर्ज कराने का जरूरी मौका आया है। 24 अक्टूबर को हुई ओलावृष्टि से सिरसा और रानियां क्षेत्र में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद हरियाणा सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है, ताकि किसान अपनी खराब फसल का विवरण ऑनलाइन दर्ज करवा सकें। विभाग की ओर से दर्ज विवरण का सत्यापन किया जाएगा और नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सिरसा तहसील के गांवों के लिए पोर्टल 2 नवंबर 2026 तक खुला है। इसमें सिरसा तहसील के गांव भरोखां, दड़बी, बरुवाली-1 और बाबा भूमण शाह तथा रानियां तहसील के गांव रानियां के किसान शामिल हैं। इन गांवों के प्रभावित किसान 2 नवंबर तक हरियाणा सरकार की राजस्व विभाग की वेबसाइट revenueharyana.gov.in के माध्यम से अपनी खराब फसलों का विवरण दर्ज करवा सकते हैं। अंतिम तिथि निकलने के बाद ब्योरा दर्ज कराने में दिक्कत हो सकती है, इसलिए पात्र किसानों को समय पर यह काम पूरा कर लेना चाहिए। रानियां तहसील के कुछ अन्य गांवों के लिए पोर्टल 3 नवंबर 2026 तक खुला रहेगा। जिला जनसंपर्क विभाग की जानकारी के अनुसार रानियां तहसील के गांव नानुआना, सुल्तानपुरिया, मोहम्मदपुरिया और फतेहपुरिया के प्रभावित किसान 3 नवंबर तक अपनी खराब फसलों का ब्योरा दर्ज करवा सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने गांव के अनुसार लागू अंतिम तिथि को ध्यान में रखें और ब्योरा दर्ज करते समय फसल, खेत और नुकसान से जुड़ी सही जानकारी ही भरें, ताकि सत्यापन में कोई अड़चन न आए। फसल बीमा करवाने वाले किसानों को नियमानुसार बीमा कंपनी से दावा मिलेगा, जबकि बिना बीमा वाले किसानों के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज विवरण ही राहत का आधार बनेगा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा भी लिया है और कृषि विभाग की तकनीकी टीम नुकसान के आकलन की प्रक्रिया से जुड़ी है। जिन किसानों की फसल ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है, वे अंतिम तिथि से पहले पोर्टल पर अपना ब्योरा अवश्य दर्ज कराएं, ताकि उनका मामला सत्यापन और मुआवजा प्रक्रिया में शामिल हो सके।
