अमित शाह 2 नवंबर को हैदराबाद में करेंगे पदयात्रा, एसआईआर पर कांग्रेस के प्रचार का देंगे जवाब
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 2 नवंबर को तेलंगाना के हैदराबाद में एक बड़ी पदयात्रा में शामिल होंगे। यह पदयात्रा भारतीय जनता पार्टी के उस अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत पार्टी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर कांग्रेस की ओर से फैलाए जा रहे कथित भ्रम का जवाब दे रही है। तेलंगाना भाजपा के अध्यक्ष एन रामचंद्र राव ने शुक्रवार को हैदराबाद में इस कार्यक्रम की जानकारी दी और बताया कि पदयात्रा में हजारों कार्यकर्ताओं के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भी शामिल होंगे।
पदयात्रा 2 नवंबर को दोपहर करीब तीन बजे शुरू होगी। यह यात्रा हैदराबाद के निजाम कॉलेज के सामने स्थित बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से शुरू होकर मोजमजाही चौराहा तक जाएगी। यात्रा के समापन पर अमित शाह मोजमजाही चौराहे पर लोगों को संबोधित भी करेंगे। इस पदयात्रा का नारा ‘लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ’ रखा गया है, जिसके तहत भाजपा मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर अपनी बात जनता के बीच रखेगी।
तेलंगाना भाजपा के अनुसार इस पदयात्रा में पार्टी कार्यकर्ताओं के अलावा वकील, डॉक्टर, बुद्धिजीवी और विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर लोग भी भाग लेंगे। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण एक संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया है और इसके बारे में जनता के बीच गलत जानकारी फैलाने की कोशिशों का तथ्यों के साथ जवाब दिया जाना चाहिए। हैदराबाद की यह पदयात्रा इसी अभियान की एक अहम कड़ी मानी जा रही है।
यह पदयात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब देश में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। भाजपा ने लखनऊ में अपनी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति साफ की थी। हैदराबाद में होने वाली पदयात्रा के जरिए पार्टी तेलंगाना की जनता के बीच सीधे अपनी बात रखना चाहती है। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर तेलंगाना भाजपा के नेता लगातार बैठकें कर रहे हैं और यात्रा के मार्ग तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के साथ समन्वय किया जा रहा है।
