उत्तराखंड: फ्री कोचिंग योजना की आय सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख, SC-ST छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी
उत्तराखंड के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 22 अक्टूबर को देहरादून में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में 25 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें समाज कल्याण विभाग की फ्री कोचिंग योजना की पारिवारिक आय सीमा ₹2 लाख सालाना से बढ़ाकर ₹8 लाख करने का अहम फैसला भी शामिल है।
यह योजना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए चलाई जाती है, जिसके तहत उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग दी जाती है। अधिकारियों के मुताबिक आय सीमा बढ़ने से अब कहीं अधिक छात्र इस योजना का लाभ उठा सकेंगे और UPSC, राज्य लोक सेवा आयोग, बैंकिंग व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी मुफ्त में कर सकेंगे।
कैबिनेट बैठक में छात्रों के हित में एक और फैसला लिया गया — उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में दिव्यांग छात्रों को पास होने के अंकों में 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी, यानी अब वे 28 प्रतिशत अंक लाकर भी उत्तीर्ण माने जाएंगे। इसके अलावा राज्य के सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) का पुनर्गठन करने का निर्णय भी हुआ।
बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) नियमों में संशोधन, बकाया स्टांप ड्यूटी मामलों के एकमुश्त निपटारे, ‘उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉर्पोरेशन’ की स्थापना और PM पोषण योजना के तहत हरिद्वार व ऊधम सिंह नगर में केंद्रीकृत रसोई के लिए जमीन आवंटन जैसे फैसले भी लिए गए।
फ्री कोचिंग योजना के तहत अब तक हजारों SC-ST छात्र लाभान्वित हो चुके हैं, लेकिन ₹2 लाख की आय सीमा के कारण मध्यम वर्ग के कई जरूरतमंद परिवार इससे बाहर थे। आय सीमा ₹8 लाख होने से अब कहीं अधिक परिवार इसके दायरे में आएंगे। निजी कोचिंग संस्थानों की भारी फीस के दौर में गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। योजना का लाभ लेने के लिए छात्र समाज कल्याण विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। धामी सरकार के ये फैसले शिक्षा और युवा कल्याण को प्राथमिकता देने वाले माने जा रहे हैं।
