हरियाणा में भ्रष्टाचार पर शिकंजा: हर विभाग में होगा नोडल अधिकारी, 48 घंटे में देनी होगी सूचना
हरियाणा में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों के प्रशासनिक सचिवों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि हर विभाग राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के साथ समयबद्ध सूचना आदान-प्रदान के लिए एक राजपत्रित अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करे।
निर्देशों के अनुसार नोडल अधिकारी ब्यूरो द्वारा लिखित पत्राचार के माध्यम से मांगी गई सूचना के समन्वय और उपलब्धता के लिए जिम्मेदार होगा। ब्यूरो की लिखित मांग के बाद, जहां भी व्यावहारिक रूप से संभव हो, 48 घंटे के भीतर सूचना उपलब्ध करानी होगी। इसका उद्देश्य मामलों में अनावश्यक देरी को खत्म करना और जांच प्रक्रिया को तेज करना है।
हर विभाग को 15 दिनों के भीतर नोडल अधिकारी का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी सतर्कता विभाग तथा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक को भेजना अनिवार्य होगा। इससे ब्यूरो और विभागों के बीच सीधा संपर्क सूत्र स्थापित होगा।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच में आ रही सूचनाओं की देरी की समस्या दूर होगी। दरअसल, कई विभागों में सूचना देने की जिम्मेदारी किसी एक अधिकारी पर तय नहीं होने से फाइलें महीनों तक अटकी रहती थीं। अब नोडल अधिकारी सीधे ब्यूरो के संपर्क में रहेगा, जिससे जांच की गति बढ़ेगी और भ्रष्ट तत्वों पर समय पर कार्रवाई संभव होगी।
