अमित शाह का ‘प्रोजेक्ट कर्मवीर’: शहीदों की वीरांगनाओं और पूर्व कर्मियों को मिलेंगे 400 कॉमन सर्विस सेंटर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर ‘प्रोजेक्ट कर्मवीर’ की शुरुआत की घोषणा की है। इस पहल के तहत कर्तव्य के दौरान शहीद हुए पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों की वीरांगनाओं तथा पूर्व कर्मियों को देशभर में 400 कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालित करने का अवसर मिलेगा।
गृह मंत्री ने 21 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि पुलिस और CAPF के जवान सच्चे कर्मवीर हैं, जो प्राणों की आहुति देकर भी कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हैं। उन्हीं के सम्मान में यह परियोजना शुरू की जा रही है।
इन केंद्रों के माध्यम से लाभार्थी पेंशन संबंधी सहायता, बैंकिंग सुविधाएं और अन्य नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराकर सम्मानजनक आजीविका अर्जित कर सकेंगे। कॉमन सर्विस सेंटर का यह मॉडल विशेष रूप से उन इलाकों में कारगर है, जहां लोगों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाना या ऑनलाइन प्रक्रियाएं खुद पूरी करना कठिन होता है।
यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सेवा के दौरान शहीद हुए जवानों के परिवारों को व्यक्तिगत क्षति के साथ-साथ आर्थिक जिम्मेदारियों का बोझ भी उठाना पड़ता है। वहीं, सेवानिवृत्त कर्मियों को सेवा के बाद आर्थिक रूप से सक्रिय रहने के अवसरों की जरूरत होती है। प्रोजेक्ट कर्मवीर इन दोनों वर्गों को आय का साधन देने के साथ-साथ समाज की सेवा में उनकी भागीदारी का मार्ग भी खोलता है।
गौरतलब है कि पुलिस स्मृति दिवस हर वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है — यह दिन 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए 10 CRPF जवानों की स्मृति में समर्पित है। इस वर्ष के समारोह में गृह मंत्री ने 36,852 शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और वीरता की दीवार पर 154 नए नाम जोड़े जाने की जानकारी भी दी। प्रोजेक्ट कर्मवीर इस स्मरण को आर्थिक संबल के आयाम से जोड़ता है।
