31 दिसंबर 2029 तक नशा-मुक्त भारत: पुलिस स्मृति दिवस पर अमित शाह का बड़ा ऐलान, सभी पुलिस बलों से एकजुट लड़ाई का आह्वान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी समय-सीमा तय कर दी है। दिल्ली के राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर उन्होंने ऐलान किया कि 31 दिसंबर 2029 तक भारत को पूरी तरह नशा-मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने देश के सभी पुलिस बलों से एकजुट होकर इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने का आह्वान किया। गृह मंत्री ने कहा कि 2026 के बचे हुए महीने और 2027, 2028 तथा 2029 का हर दिन नशे के खिलाफ एकजुट संघर्ष के नाम होगा।
शाह ने इस अवसर पर देशव्यापी “फाइट अगेंस्ट ड्रग्स” मोटरसाइकिल रैली को भी हरी झंडी दिखाई। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, एनएसजी और एनआईए के करीब 90 राइडर इस रैली में शामिल हैं, जो 31 अक्टूबर को गुजरात के केवड़िया में होने वाली एकता परेड 2026 में समापन पर पहुंचेंगे।
गृह मंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस, सीआरपीएफ और उसकी कोबरा बटालियन के जवानों के बलिदान से दशकों पुराने नक्सलवाद का खात्मा हुआ है। जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित हुई है। उन्होंने बताया कि 1981 से मार्च 2026 तक नक्सली हिंसा में 3600 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी और करीब 13700 नागरिकों की जान गई।
पुलिस स्मृति दिवस पर शाह ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद से अब तक 36852 पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य पालन में अपने प्राण न्यौछावर किए हैं, जिनमें इस वर्ष के 154 जवान भी शामिल हैं। गृह मंत्री ने शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनका सम्मान भी किया।
