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केंद्र सरकार की PM Vishwakarma योजना: कारीगरों को ₹15,000 टूलकिट और 5% ब्याज पर ₹3 लाख तक लोन

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: केंद्र सरकार की PM Vishwakarma योजना: कारीगरों को ₹15,000 टूलकिट और 5% ब्याज पर ₹3 लाख तक लोन
  • तारीख़: 8 नवम्बर 2026, 12:03 पूर्वाह्न
  • लेखक: Harish Sharma
  • श्रेणी: ऑल इंडिया योजनाएं
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

केंद्र सरकार की PM Vishwakarma योजना हाथ से काम करने वाले पारंपरिक कारीगरों के लिए है — बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, दर्जी, मोची, राजमिस्त्री, नाई, धोबी जैसे व्यवसायों के लिए। योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई थी और इसके लिए ₹13,000 करोड़ का प्रावधान है (वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक)। इसमें कारीगर को पहचान पत्र, मुफ्त ट्रेनिंग, ₹15,000 का टूलकिट और 5% ब्याज पर ₹3 लाख तक का बिना गारंटी लोन — चारों तरह की मदद एक साथ मिलती है।

कौन से 18 व्यवसाय आते हैं

योजना में 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं — बढ़ई, नाव बनाने वाले, कवच बनाने वाले, लोहार, हथौड़ा व टूलकिट बनाने वाले, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार व पत्थर तराशने वाले, मोची व जूता कारीगर, राजमिस्त्री, टोकरी-चटाई-झाड़ू बनाने वाले व कॉयर बुनकर, पारंपरिक गुड़िया व खिलौना बनाने वाले, नाई, माला बनाने वाले, धोबी, दर्जी और मछली का जाल बनाने वाले। आवेदक की उम्र 18 साल या उससे ज़्यादा होनी चाहिए और वह असंगठित क्षेत्र में अपने हाथों और पारंपरिक औज़ारों से काम करता हो।

क्या-क्या मिलता है

सबसे पहले कारीगर को PM Vishwakarma प्रमाणपत्र और पहचान पत्र मिलता है — इससे उसके हुनर को औपचारिक पहचान मिलती है। फिर मुफ्त स्किल ट्रेनिंग होती है, जिसमें ट्रेनिंग के दिनों का ₹500 रोज़ का भत्ता सीधे बैंक खाते में आता है। ट्रेनिंग और स्किल जाँच के बाद ₹15,000 का टूलकिट ई-वाउचर मिलता है, जिससे आधुनिक औज़ार खरीदे जा सकते हैं। इसके बाद बिना गारंटी के लोन मिलता है — पहली किस्त ₹1 लाख (18 महीने में चुकानी है) और उसे समय पर चुकाने पर दूसरी किस्त ₹2 लाख (30 महीने में)। ब्याज सिर्फ 5% सालाना देना होता है; बाकी 8% ब्याज सरकार सब्सिडी के तौर पर देती है।

कौन पात्र नहीं है

जिन्होंने पिछले 5 साल में PMEGP, PM SVANidhi या Mudra जैसी किसी सरकारी स्वरोज़गार लोन योजना का लाभ लिया है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। साथ ही आवेदक को उसी व्यवसाय में काम करना चाहिए जिसके लिए वह आवेदन कर रहा है — शौकिया या फैक्ट्री लाइन के कामगार इसके दायरे में नहीं आते।

आवेदन कैसे करें

आवेदन आधिकारिक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in पर या नज़दीकी CSC केंद्र पर होता है, जहाँ CSC संचालक आधार बायोमेट्रिक से फॉर्म भरता है। आवेदन के बाद कौशल सत्यापन और ट्रेनिंग होती है, फिर टूलकिट वाउचर और लोन की पात्रता बनती है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें — रजिस्ट्रेशन मुफ्त है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: PM Vishwakarma में कौन से व्यवसाय आते हैं?
उत्तर: 18 पारंपरिक व्यवसाय — बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, दर्जी, मोची, राजमिस्त्री, नाई, धोबी, माला बनाने वाले सहित पूरी सूची pmvishwakarma.gov.in पर है।

प्रश्न 2: योजना में क्या-क्या मिलता है?
उत्तर: प्रमाणपत्र व पहचान पत्र, ₹500/दिन भत्ते वाली मुफ्त ट्रेनिंग, ₹15,000 टूलकिट ई-वाउचर और 5% ब्याज पर ₹1 लाख + ₹2 लाख का बिना गारंटी लोन।

प्रश्न 3: लोन कैसे मिलता है?
उत्तर: ट्रेनिंग पूरी करने के बाद पहली किस्त ₹1 लाख (18 महीने), उसे समय पर चुकाने पर दूसरी किस्त ₹2 लाख (30 महीने) — ब्याज सिर्फ 5%।

प्रश्न 4: आवेदन कैसे करें?
उत्तर: pmvishwakarma.gov.in पर या नज़दीकी CSC केंद्र पर आधार बायोमेट्रिक से रजिस्ट्रेशन कराएँ।

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