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हरियाणा में नकली दवाओं पर सरकार की बड़ी कार्रवाई: 966 दवा लाइसेंस सस्पेंड, 15 रद्द

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा में नकली दवाओं पर सरकार की बड़ी कार्रवाई: 966 दवा लाइसेंस सस्पेंड, 15 रद्द
  • तारीख़: 7 नवम्बर 2026, 2:32 अपराह्न
  • लेखक: Harish Kumar
  • श्रेणी: विकास
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा सरकार ने नकली और घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश में 966 दवा बिक्री लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग को नकली दवाएँ बेचने और बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाएँ मिलें, इसके लिए लगातार और समर्पित प्रयास किए जा रहे हैं।

एफडीए के ड्रग विंग ने 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान दवाओं की बिक्री करने वाली 13,590 इकाइयों और 423 दवा निर्माण इकाइयों की जाँच की गई। जाँच में नियमों का उल्लंघन और अनियमितताएँ मिलने पर 966 ड्रग सेल लाइसेंस और 12 मैन्युफैक्चरिंग व ब्लड सेंटर लाइसेंस निलंबित किए गए। इसके अलावा 15 लाइसेंस पूरी तरह रद्द और 5 लाइसेंस आंशिक रूप से निरस्त किए गए। यह कार्रवाई छह महीने के अभियान का नतीजा है, जिसमें प्रदेश भर की दवा दुकानों और निर्माण इकाइयों की गहन जाँच की गई।

जाँच के दौरान 11 दवाओं के नमूने घटिया गुणवत्ता के पाए गए। विभाग ने नियम तोड़ने वालों के खिलाफ 64 मामलों में अभियोजन की कार्रवाई शुरू की है। रिपोर्ट के अनुसार इस अभियान में 70 लाख रुपये के नकली इंजेक्शन भी जब्त किए गए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नकली दवाओं की बिक्री या निर्माण में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि मंत्री के निर्देशों के बाद ही यह व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया था।

लाइसेंस निलंबित होने का मतलब है कि संबंधित दुकान या इकाई को तय अवधि के लिए दवाएँ बेचने या बनाने की अनुमति नहीं रहेगी, जबकि लाइसेंस रद्द होने पर वह अनुमति पूरी तरह खत्म हो जाती है। 15 लाइसेंस पूरी तरह रद्द किए गए हैं और 5 लाइसेंस आंशिक रूप से निरस्त किए गए हैं, यानी उनकी कुछ अनुमतियाँ वापस ले ली गई हैं। नकली इंजेक्शन जब्त होने की घटना बताती है कि यह सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं थी — जाँच में नकली दवाओं का भंडार भी पकड़ा गया।

लोगों को सलाह दी जाती है कि वे दवाएँ केवल अधिकृत और लाइसेंस वाली दुकानों से लें और खरीद का बिल जरूर लें। किसी भी संदिग्ध दवा या बिना बिल वाली दवा की शिकायत स्वास्थ्य विभाग या खाद्य एवं औषधि प्रशासन से की जा सकती है। सरकार की यह कार्रवाई आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है — नकली दवाओं से न सिर्फ मरीज का इलाज प्रभावित होता है, बल्कि जान का खतरा भी पैदा हो सकता है। इसलिए जाँच अभियान आगे भी जारी रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हरियाणा में कितने दवा लाइसेंस निलंबित हुए? — 966 दवा बिक्री लाइसेंस और 12 मैन्युफैक्चरिंग व ब्लड सेंटर लाइसेंस निलंबित; 15 लाइसेंस पूरी तरह रद्द, 5 आंशिक रूप से निरस्त।

यह जाँच अभियान कब चला? — 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच; 13,590 बिक्री इकाइयों और 423 निर्माण इकाइयों की जाँच हुई।

नकली दवा की शिकायत कहाँ करें? — स्वास्थ्य विभाग या खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) से शिकायत की जा सकती है।

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