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Haryana Property Tax Online Payment 2026: House Tax Kaise Bhare, NDC Kaise Le

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: Haryana Property Tax Online Payment 2026: House Tax Kaise Bhare, NDC Kaise Le
  • तारीख़: 7 नवम्बर 2026, 4:54 पूर्वाह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: उपयोगी जानकारी
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा प्रॉपर्टी टैक्स क्या है?

हरियाणा में शहर की सीमा के अंदर आने वाली हर संपत्ति — मकान, दुकान, दफ्तर, फैक्ट्री या खाली प्लॉट — पर नगर निगम, नगर परिषद या नगर पालिका को सालाना प्रॉपर्टी टैक्स (हाउस टैक्स) देना होता है। यह टैक्स संपत्ति के मालिक को देना होता है, किराएदार को नहीं। इसी टैक्स से शहर की सड़कें, सफाई, स्ट्रीट लाइट और पानी-सीवर जैसी सुविधाएँ चलती हैं।

हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULB) ने इसके लिए एक ही ऑनलाइन पोर्टल बनाया है — property.ulbharyana.gov.in। इसी पोर्टल पर आप अपना बकाया देख सकते हैं, टैक्स भर सकते हैं और NDC (No Dues Certificate — अदेय प्रमाण पत्र) ले सकते हैं। यह पोर्टल हरियाणा के सभी नगर निगमों, परिषदों और पालिकाओं — गुरुग्राम (MCG), फरीदाबाद (MCF), पंचकूला, अंबाला, हिसार, करनाल, रोहतक समेत — के लिए एक जैसा काम करता है।

सबसे ज़रूरी बात — 30 जुलाई 2026 की नई संपत्ति कर नीति के बाद टैक्स निकालने का तरीका बदल गया है। 1 अगस्त 2026 से पूंजीगत मूल्य (capital value) पद्धति लागू है। पुराने क्षेत्रफल-आधारित फॉर्मूले से अब टैक्स न निकालें — सही रकम के लिए पोर्टल पर दिया गया टैक्स कैलकुलेटर ही इस्तेमाल करें।

एक नज़र में

विवरण जानकारी
आधिकारिक पोर्टल property.ulbharyana.gov.in (ULB Haryana — संपत्ति कर बकाया भुगतान एवं अदेय प्रमाण पत्र पोर्टल)
किसे देना है शहरी सीमा में संपत्ति के मालिक को (आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, खाली प्लॉट)
कौन-कौन से शुल्क संपत्ति कर + अग्नि कर (Fire Tax) + विकास शुल्क + कचरा संग्रहण शुल्क
अंतिम तिथि वित्त वर्ष की 31 मार्च
देर पर ब्याज 1.5% प्रति माह (या माह का हिस्सा) साधारण ब्याज
भुगतान के तरीके UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड
NDC सभी बकाया चुकाने के बाद पोर्टल से तुरंत डाउनलोड करें
नई नीति 30 जुलाई 2026 की अधिसूचना; 1 अगस्त 2026 से पूंजीगत मूल्य पद्धति
ऑफलाइन विकल्प अपने नगर निकाय के कार्यालय में भी भुगतान हो सकता है

नई टैक्स नीति 30 जुलाई 2026 — क्या बदला?

हरियाणा सरकार ने 30 जुलाई 2026 को नई संपत्ति कर नीति जारी की। इसके बाद से टैक्स की गणना पूंजीगत मूल्य (capital value) के आधार पर होती है — यानी आपकी संपत्ति का मूल्य उसके क्षेत्रफल, कलेक्टर रेट (सर्किल रेट), उपयोग और मंज़िल के हिसाब से तय होता है। इससे पहले क्षेत्रफल-आधारित (UAV) पद्धति चलती थी।

पोर्टल के होमपेज पर ही लिखा है — “दिनांक 30.07.2026 की नई संपत्ति कर नीति के अनुसार अपना संपत्ति कर ज्ञात करने के लिए यहाँ क्लिक करें” — यानी पोर्टल पर नया टैक्स कैलकुलेटर उपलब्ध है। पुरानी दर-सूचियाँ या पुराने फॉर्मूले से टैक्स न निकालें — वही रकम मानें जो पोर्टल पर आपकी Property ID के सामने दिख रही है।

एक और बदलाव — कृषि संपत्तियों के मालिकों को इस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने की ज़रूरत नहीं है। वे अपनी संपत्ति की डीड पंजीकरण के लिए सीधे जमाबंदी पोर्टल (jamabandi.nic.in) पर जा सकते हैं; वहाँ सिर्फ PID का उल्लेख करना होता है। बिक्री विलेख पंजीकरण के बाद मालिक का नाम और मोबाइल नंबर इस पोर्टल पर अपने आप अपडेट हो जाता है।

टैक्स कैसे निकालें? — गणना का तरीका

नई पद्धति का मूल फॉर्मूला इस तरह है:

वार्षिक टैक्स = कालीन क्षेत्रफल (वर्ग गज में) × कलेक्टर रेट × आधार दर × उपयोग गुणक

गुरुग्राम (MCG) A1 श्रेणी में आता है, जहाँ आवासीय संपत्ति की आधार दर 0.03% और गैर-आवासीय की 0.1% है। उपयोग गुणक संपत्ति के आकार और प्रकार के हिसाब से लगता है:

संपत्ति का प्रकार क्षेत्रफल / श्रेणी उपयोग गुणक
आवासीय प्लॉट / स्वतंत्र मकान 50 वर्ग मीटर तक 0.25
आवासीय प्लॉट / स्वतंत्र मकान 50–100 वर्ग मीटर 0.50
आवासीय प्लॉट / स्वतंत्र मकान 100–200 वर्ग मीटर 0.75
आवासीय प्लॉट / स्वतंत्र मकान 200 वर्ग मीटर से अधिक 1.00
फ्लैट / अपार्टमेंट (समूह आवास) कालीन क्षेत्रफल 100 वर्ग मीटर तक 0.75
फ्लैट / अपार्टमेंट (समूह आवास) कालीन क्षेत्रफल 100 वर्ग मीटर से अधिक 1.00
दुकान 30 वर्ग मीटर तक 0.25
दुकान 30–50 वर्ग मीटर 0.50
दुकान 50 वर्ग मीटर से अधिक 1.00
दुकान (मॉल में) — 1.25
दफ्तर व अन्य वाणिज्यिक — 1.00
औद्योगिक परिसर 500 वर्ग मीटर तक 0.25
औद्योगिक परिसर 500–2000 वर्ग मीटर 0.50
औद्योगिक परिसर 2000–5000 वर्ग मीटर 0.75
औद्योगिक परिसर 5000 वर्ग मीटर से अधिक 1.00
संस्थागत परिसर — 0.25
खाली प्लॉट भूमि के प्रकार के अनुसार 0.25
पेइंग गेस्ट आवास — 1.00

उदाहरण (गुरुग्राम): 1500 वर्ग फुट का फ्लैट — कालीन क्षेत्रफल 166.67 वर्ग गज, कलेक्टर रेट ₹96,000 प्रति वर्ग गज, आधार दर 0.03%, उपयोग गुणक 1.00 — तो वार्षिक टैक्स = 166.67 × 96,000 × 0.03% × 1.00 = ₹4,800। स्वतंत्र मकान में पूंजीगत मूल्य = प्लॉट क्षेत्रफल × कलेक्टर रेट × मंज़िल गुणक (भूतल 1.00, हर अतिरिक्त मंज़िल — बेसमेंट सहित — पर 0.25 और)।

ध्यान दें: ऊपर दी गई दरें और गुणक गुरुग्राम (MCG, A1 श्रेणी) के लिए हैं। हरियाणा के अन्य नगर निकाय अलग श्रेणी में आ सकते हैं और उनकी आधार दर अलग हो सकती है — इसलिए अपनी संपत्ति का असली टैक्स सिर्फ पोर्टल पर अपनी Property ID के सामने दिख रही रकम से ही मानें। फ्लैट का टैक्स कालीन क्षेत्रफल (carpet area) पर लगता है, सुपर बिल्ट-अप क्षेत्रफल पर नहीं। सिर्फ पार्किंग के लिए इस्तेमाल होने वाली जगह पर टैक्स नहीं लगता।

Property ID (PID) कैसे खोजें?

ऑनलाइन भुगतान के लिए सबसे पहले अपनी संपत्ति की Property ID (PID) चाहिए — यह आपकी संपत्ति का 8 अक्षरों वाला अनूठा नंबर है। पुरानी रसीद खो गई हो तो भी घबराएँ नहीं — पोर्टल पर PID ऐसे खोजें:

चरण 1: property.ulbharyana.gov.in पर लॉगिन करें।

चरण 2: ‘Search Property’ टैब खोलें।

चरण 3: ड्रॉपडाउन से अपनी नगर पालिका का नाम चुनें (यह अनिवार्य है) — जैसे MCG, MCF, पंचकूला, अंबाला आदि।

चरण 4: जो जानकारी आपके पास हो, वह भरें — कॉलोनी का नाम, संपत्ति की श्रेणी, प्लॉट नंबर, 8 अक्षरों वाली Property ID, पुरानी Property ID, मालिक/कब्जाधारी का नाम या मोबाइल नंबर।

चरण 5: ‘Search’ पर क्लिक करें — मिलती-जुलती संपत्तियाँ दिखेंगी। सही संपत्ति पहचानकर उसकी Property ID नोट कर लें।

वैकल्पिक तरीका: GIS मानचित्र पर भी खोज सकते हैं — ‘Search on Map’ पर क्लिक करें और मानचित्र पर अपनी संपत्ति चुनें।

PID मिलने के बाद ‘View Details’ पर क्लिक करके संपत्ति का पूरा ब्योरा देखें। हर उप-शीर्ष के नीचे नीले रंग में डेटा की शुद्धता पूछी जाएगी — अगर सब सही है तो ‘Yes’ चुनकर ‘Verify Details’ पर क्लिक करें — आपकी PID स्व-प्रमाणित (self-certified) हो जाएगी। अगर कोई जानकारी गलत या अधूरी दिखे तो ‘No’ चुनकर ‘Update Details’ पर क्लिक करें, सहायक दस्तावेज़ों के साथ सुधार करें और ‘Save Draft’ दबाएँ — आपकी आपत्ति नगर पालिका के पास जाएगी; निपटारा होने के बाद फिर से ‘Verify Details’ करके स्व-प्रमाणित करें।

ऑनलाइन हाउस टैक्स कैसे भरें? — स्टेप बाय स्टेप

पहली बार पोर्टल पर आए हैं तो पहले पंजीकरण करें, फिर भुगतान करें।

पहला चरण: पोर्टल पर पंजीकरण

चरण 1: property.ulbharyana.gov.in खोलें और ‘New Registration’ बटन पर क्लिक करें।

चरण 2: अनिवार्य जानकारी भरें — पूरा नाम, पिता/पति का नाम, 10 अंकों का अपना मोबाइल नंबर।

चरण 3: ‘Register’ पर क्लिक करें — आपके मोबाइल पर 6 अंकों का OTP आएगा।

चरण 4: OTP दर्ज करके ‘Verify OTP & Submit’ पर क्लिक करें — पंजीकरण पूरा हो गया, अब लॉगिन कर सकते हैं।

दूसरा चरण: बकाया देखें और भुगतान करें

चरण 1: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।

चरण 2: ‘Make Payment / Generate NDC’ टैब खोलें।

चरण 3: अपनी Property ID दर्ज करके ‘Search’ पर क्लिक करें — स्क्रीन पर पूरा बकाया दिखेगा: संपत्ति कर, अग्नि कर (Fire Tax), विकास शुल्क और कचरा संग्रहण शुल्क, साथ ही पुराना बकाया (arrears) भी।

चरण 4: ‘Pay All Dues and Generate NDC’ पर क्लिक करें। (अगर सिर्फ संपत्ति कर या सिर्फ कचरा संग्रहण शुल्क भरना है तो उसके लिए अलग बटन भी हैं।)

चरण 5: देय राशि जाँचकर ‘Pay Online’ पर क्लिक करें, मोबाइल पर आया OTP दर्ज करें।

चरण 6: पेमेंट गेटवे पर जाकर UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से भुगतान पूरा करें।

चरण 7: भुगतान सफल होने पर रसीद डाउनलोड करके संभालकर रखें — यही रसीद आगे NDC और हर रिकॉर्ड के काम आएगी।

भुगतान की स्थिति बाद में भी जाँच सकते हैं — पोर्टल पर ‘Verify Payment’ सुविधा है, और लॉगिन के बाद ‘My Properties’ में ‘Payment Details’ व ‘Download NDC/Receipts’ विकल्प भी मिलते हैं।

NDC (No Dues Certificate) कैसे लें?

NDC यानी अदेय प्रमाण पत्र — यह इस बात का आधिकारिक प्रमाण है कि आपकी संपत्ति पर नगर निकाय का कोई बकाया नहीं है। यह तब मिलता है जब संपत्ति कर, अग्नि कर, विकास शुल्क और कचरा संग्रहण शुल्क — सब कुछ चुका दिया गया हो।

NDC कब चाहिए? सबसे ज़्यादा ज़रूरत संपत्ति बेचते समय पड़ती है — बिक्री विलेख (sale deed) के पंजीकरण और हस्तांतरण की औपचारिकताओं में NDC माँगा जाता है। बकाया पड़ा हो तो लेन-देन और संबंधित मंज़ूरियाँ अटक सकती हैं। इसलिए बेचने से पहले NDC ले लें, और अगर आप खरीद रहे हैं तो विक्रेता से ताज़ा NDC ज़रूर माँगें — इससे पता चलता है कि उस संपत्ति पर कोई पुराना बकाया तो नहीं है।

NDC कैसे लें: पोर्टल पर लॉगिन करें → ‘Make Payment / Generate NDC’ टैब में Property ID डालकर ‘Search’ करें → ‘Pay All Dues and Generate NDC’ से सारा बकाया चुकाएँ → भुगतान सफल होते ही NDC पोर्टल से तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं। अलग से आवेदन या दफ्तर जाने की ज़रूरत नहीं है।

छूट और रियायतें 2026-27

30 जुलाई 2026 की अधिसूचना के अनुसार इन छूटों का लाभ मिल सकता है — अंतिम पात्रता पोर्टल पर ही जाँचें:

  • 10% छूट: अगर उस निर्धारण वर्ष का सारा बकाया — पुराना बकाया समेत — 30 अप्रैल तक चुका दिया जाए। (वित्त वर्ष 2027-28 के लिए अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2027।)
  • अतिरिक्त 5% छूट: उन करदाताओं को जिन्होंने पिछले लगातार 3 वर्षों में 30 अप्रैल तक भुगतान किया हो।
  • महिलाओं को 25% छूट: महिला के नाम पर आवासीय संपत्ति पर; संयुक्त स्वामित्व में छूट सिर्फ महिला के हिस्से पर मिलेगी।
  • दिव्यांगों को 10% छूट: जहाँ मालिक की दिव्यांगता कम से कम 40% हो।
  • पूरी छूट (कुछ श्रेणियों को): सेवारत या पूर्व सैनिक व अर्धसैनिक कर्मियों, स्वतंत्रता सेनानियों, युद्ध विधवाओं और पात्र जीवनसाथी/आश्रितों के स्व-आवासीय मकानों को छूट मिल सकती है।

ध्यान दें: छूट सिर्फ स्व-प्रमाणित संपत्तियों पर और तभी मिलती है जब पूरा टैक्स, बकाया, ब्याज और जुर्माना एक ही भुगतान में चुका दिया गया हो। पुराने वर्षों की छूट की तारीखें (जैसे 2025-26 में 31 जुलाई 2025 तक 10% छूट) अब लागू नहीं हैं — चालू वर्ष की छूट और अंतिम तिथि हमेशा पोर्टल पर ही देखें।

अंतिम तिथि और देर से भुगतान पर ब्याज

प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की अंतिम तिथि वित्त वर्ष की 31 मार्च है। 31 मार्च तक भुगतान न करने पर बकाया रकम पर 1.5% प्रति माह (या माह के हिस्से पर) साधारण ब्याज लगता है — यानी देर जितनी लंबी, ब्याज उतना ज़्यादा।

बकाया लंबे समय तक न चुकाने पर नगर निकाय वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर सकता है — हरियाणा के कानून के तहत बकाया वसूलने के लिए संपत्ति की कुर्की और नीलामी तक की व्यवस्था है। इसलिए टैक्स समय पर भरना ही सबसे सस्ता और सुरक्षित रास्ता है — और अगर छूट चाहिए तो 30 अप्रैल की समय-सीमा से पहले पूरा बकाया एक साथ चुका दें।

नई Property ID कैसे बनवाएँ?

अगर आपकी संपत्ति पोर्टल पर खोजने पर भी नहीं मिलती, तो नई PID बनवानी होगी:

चरण 1: लॉगिन करके ‘Search Property’ में मालिक का नाम, अपना मोबाइल नंबर या प्लॉट नंबर से खोजें — या GIS मानचित्र पर ‘Search on Map’ से देखें।

चरण 2: संपत्ति न मिलने पर पेज के अंत में ‘Please click here’ पर क्लिक करें — नियम-शर्तें पढ़कर सहमति का बॉक्स टिक करें और ‘Click here to Proceed’ दबाएँ।

चरण 3: ज़िला, नगर पालिका और कॉलोनी चुनें; मानचित्र पर नीले मार्कर को संपत्ति की सही जगह पर ले जाकर ‘Next’ दबाएँ।

चरण 4: बताएँ कि संपत्ति किसी मौजूदा PID का उप-विभाजन है या नहीं; संपत्ति का विवरण, मालिक का विवरण (‘Add Owner’), मंज़िलवार निर्माण विवरण भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।

चरण 5: ‘Normal Mode’ या ‘Priority Service’ चुनकर आवेदन सबमिट करें — आवेदन-आईडी SMS से मिलेगी, जिससे स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।

शुल्क और समय: सामान्य (Normal) मोड में नई PID का अनुरोध निःशुल्क है और समय-सीमा 10 कार्य दिवस है। प्राथमिकता (Priority) सेवा में समय-सीमा भुगतान मिलने से 2 कार्य दिवस है — शुल्क पोर्टल के अंग्रेज़ी FAQ के अनुसार ₹1,000 है, जबकि हिंदी FAQ में ₹2,500 लिखा है — भुगतान से पहले पोर्टल पर दिख रहा शुल्क ही अंतिम मानी जाए, यह सत्यापित नहीं हुआ है — विभाग से जाँच लें।

मौजूदा PID को दो तरह से बाँटा भी जा सकता है — क्षैतिज (प्लॉट का क्षेत्र बाँटकर) या ऊर्ध्वाधर (मंज़िल के हिसाब से)। यह सिर्फ तीन मामलों में होता है: प्लॉट/क्षेत्र बाँटना हो; एक PID में कई मंज़िलें दर्ज हों और अब मंज़िलवार बँटवारा चाहिए; या एक PID में दो या अधिक प्लॉट/मंज़िलें गलत तरीके से जुड़ी हों जबकि असल में उनके मालिक अलग-अलग हों।

ज़रूरी दस्तावेज़

क्रम दस्तावेज़ / जानकारी किस काम आता है
1 रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (OTP के लिए) पंजीकरण और लॉगिन के लिए
2 Property ID (8 अक्षर) या पुरानी रसीद बकाया देखने और भुगतान के लिए
3 मालिक का नाम व पिता/पति का नाम पंजीकरण के लिए
4 संपत्ति के दस्तावेज़ (नई PID के लिए) नई PID / विवरण सुधार के लिए अपलोड करें
5 ईमेल आईडी (NRI के लिए) NRI/विदेशी नागरिक पंजीकरण के लिए
6 विदेशी मोबाइल नंबर (WhatsApp सहित, NRI के लिए) NRI पंजीकरण में OTP के लिए

पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम है — फॉर्म में जो दस्तावेज़ माँगा जाए, वही अपलोड करें। NRI/विदेशी नागरिक जिनके पास भारतीय मोबाइल नंबर नहीं है, वे ‘NRI/Foreign National Registration’ से पंजीकरण कर सकते हैं — OTP ईमेल पर और दूसरा OTP WhatsApp पर भेजा जाता है; उसके बाद ईमेल आईडी से लॉगिन होता है।

ऑफलाइन भुगतान और हेल्पलाइन

ऑनलाइन भुगतान में दिक्कत हो तो अपने नगर निकाय के कार्यालय जाकर भी भुगतान कर सकते हैं। गुरुग्राम के लिए MCG मुख्य कार्यालय, सेक्टर 34, गुरुग्राम 122001 है और MCG का टोल-फ्री नंबर 1800-180-1817 है। अन्य शहरों के लिए अपने नगर निकाय के कार्यालय या पोर्टल पर दिया गया संपर्क नंबर देखें — यह नंबर सिर्फ MCG के लिए सत्यापित है, पूरे हरियाणा के लिए नहीं।

समूह आवास समितियों (group housing societies) में फ्लैट का टैक्स फ्लैट के मालिक को ही भरना होता है — RWA सिर्फ साझा सुविधाओं और रखरखाव का खर्च संभालती है, टैक्स नहीं। निर्माणाधीन फ्लैट पर तब तक टैक्स नहीं लगता जब तक उसे Occupancy Certificate (OC) / Completion Certificate (CC) न मिल जाए। किराए की संपत्ति पर भी टैक्स की कानूनी ज़िम्मेदारी मालिक की ही होती है, किराएदार की नहीं।

ध्यान देने योग्य बातें — आम गलतियाँ

  • पुरानी दर-सूची से टैक्स न निकालें — 30 जुलाई 2026 की नई नीति के बाद पुराने फॉर्मूले गलत रकम देंगे; पोर्टल कैलकुलेटर और अपनी PID के सामने दिख रही रकम ही अंतिम मानें।
  • छूट की पुरानी तारीखों पर भरोसा न करें — 2025-26 की 31 जुलाई वाली छूट अब लागू नहीं है; चालू वर्ष की छूट और अंतिम तिथि पोर्टल पर ही देखें।
  • NDC के बिना संपत्ति न बेचें/न खरीदें — बकाया पड़ा हो तो बिक्री विलेख पंजीकरण अटक सकता है; खरीदार विक्रेता से ताज़ा NDC ज़रूर माँगे।
  • सिर्फ आधिकारिक पोर्टल से भुगतान करें — property.ulbharyana.gov.in के अलावा किसी और वेबसाइट या एजेंट को पैसे न दें; पंजीकरण और भुगतान के नाम पर कोई शुल्क नहीं लगता (नई PID के लिए Priority Service को छोड़कर)।
  • 31 मार्च की अंतिम तिथि न भूलें — देर पर 1.5% प्रति माह ब्याज लगता है और लंबा बकाया वसूली की कार्रवाई तक ले जा सकता है।
  • गलत जानकारी न भरें — PID, मालिक का नाम या संपत्ति का विवरण गलत होने पर भुगतान गलत संपत्ति पर चला जाएगा; भुगतान से पहले बकाया विवरण दोबारा जाँच लें।
  • रसीद संभालकर रखें — भुगतान की रसीद और NDC दोनों का डिजिटल व प्रिंट कॉपी रखना भविष्य के लेन-देन में काम आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. हरियाणा में प्रॉपर्टी टैक्स ऑनलाइन कैसे भरें?

property.ulbharyana.gov.in पर लॉगिन करें → ‘Make Payment / Generate NDC’ टैब में Property ID डालकर ‘Search’ करें → ‘Pay All Dues and Generate NDC’ पर क्लिक करें → राशि जाँचकर OTP से ‘Pay Online’ करें → UPI, नेट बैंकिंग या कार्ड से भुगतान पूरा करें।

2. अपनी Property ID (PID) कैसे पता करें?

पोर्टल पर लॉगिन करके ‘Search Property’ टैब में नगर पालिका चुनें और कॉलोनी, प्लॉट नंबर, पुरानी PID, मालिक का नाम या मोबाइल नंबर से खोजें — या GIS मानचित्र पर ‘Search on Map’ से देखें। PID 8 अक्षरों की होती है।

3. NDC क्या है और यह कब चाहिए?

NDC (No Dues Certificate) इस बात का प्रमाण है कि संपत्ति पर नगर निकाय का कोई बकाया नहीं है। यह संपत्ति बेचते समय बिक्री विलेख पंजीकरण और हस्तांतरण के लिए चाहिए होता है। सभी बकाया चुकाने के बाद यह पोर्टल से तुरंत डाउनलोड हो जाता है।

4. प्रॉपर्टी टैक्स भरने की अंतिम तिथि क्या है?

वित्त वर्ष की 31 मार्च। देर करने पर बकाया पर 1.5% प्रति माह (या माह के हिस्से पर) साधारण ब्याज लगता है।

5. 2026-27 में प्रॉपर्टी टैक्स पर कितनी छूट मिलेगी?

30 जुलाई 2026 की अधिसूचना के अनुसार — सभी बकाया 30 अप्रैल तक चुकाने पर 10% छूट; लगातार 3 साल समय पर भुगतान पर अतिरिक्त 5%; महिलाओं को 25% और 40% या अधिक दिव्यांगता वाले मालिकों को 10% छूट। अंतिम पात्रता पोर्टल पर ही जाँचें।

6. टैक्स की गणना अब कैसे होती है?

1 अगस्त 2026 से पूंजीगत मूल्य पद्धति लागू है — वार्षिक टैक्स = कालीन क्षेत्रफल (वर्ग गज) × कलेक्टर रेट × आधार दर × उपयोग गुणक। गुरुग्राम (A1 श्रेणी) में आवासीय आधार दर 0.03% है। पुराने क्षेत्रफल-आधारित फॉर्मूले अब इस्तेमाल न करें — सही रकम पोर्टल कैलकुलेटर से ही निकालें।

7. बिना Property ID के टैक्स भर सकते हैं?

नहीं — ऑनलाइन भुगतान के लिए Property ID ज़रूरी है। PID न मिले तो पोर्टल पर ‘Search Property’ से खोजें, या नई PID के लिए आवेदन करें (सामान्य मोड निःशुल्क, 10 कार्य दिवस)।

8. नई Property ID बनवाने में कितना शुल्क और समय लगता है?

सामान्य मोड में निःशुल्क और 10 कार्य दिवस। प्राथमिकता (Priority) सेवा में 2 कार्य दिवस — शुल्क पोर्टल के अंग्रेज़ी FAQ में ₹1,000 और हिंदी FAQ में ₹2,500 लिखा है, इसलिए भुगतान से पहले पोर्टल पर दिख रहा शुल्क ही अंतिम मानें।

9. किराए की संपत्ति का टैक्स कौन भरेगा — मालिक या किराएदार?

मालिक। प्रॉपर्टी टैक्स की कानूनी ज़िम्मेदारी संपत्ति के मालिक की होती है, किराएदार की नहीं — यह समूह आवास समितियों के फ्लैटों पर भी लागू होता है।

10. भुगतान की रसीद या NDC दोबारा कैसे डाउनलोड करें?

पोर्टल पर लॉगिन करके ‘My Properties’ में जाएँ — वहाँ ‘Payment Details’ और ‘Download NDC/Receipts’ विकल्प मिलेंगे। भुगतान की स्थिति ‘Verify Payment’ से भी जाँच सकते हैं।

आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक

अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आधिकारिक पोर्टल property.ulbharyana.gov.in (उसके FAQ पेज सहित) और 30 जुलाई 2026 की संपत्ति कर नीति पर आधारित प्रकाशित स्रोतों पर आधारित है। टैक्स की दरें, छूट, अंतिम तिथियाँ और पोर्टल की प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती हैं — भुगतान करने से पहले पोर्टल पर दिख रही ताज़ा जानकारी ही अंतिम मानी जाए। इस गाइड में जहाँ भी “सत्यापित नहीं हुआ है — विभाग से जाँच लें” लिखा है, वह जानकारी प्रकाशित स्रोतों पर आधारित है, आधिकारिक पोर्टल पर अलग से सत्यापित नहीं हुई है। गुरुग्राम (MCG) के लिए दी गई दरें और गुणक A1 श्रेणी के उदाहरण हैं — अन्य नगर निकायों की दरें अलग हो सकती हैं।

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