केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना देशभर के घरों के लिए बिजली का बिल कम करने का बड़ा जरिया बन रही है। इस योजना के तहत घर की छत पर रूफटॉप सोलर पैनल लगवाने पर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिलता है, साथ ही सरकार की ओर से ₹78000 तक की सब्सिडी भी दी जाती है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2 नवंबर तक इस योजना के लिए 88.3 लाख से ज्यादा आवेदन आ चुके थे, जबकि 55.3 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं और 65.4 लाख से ज्यादा घरों को इसका लाभ मिल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में इस योजना की शुरुआत की थी। यह ₹75000 करोड़ की योजना है, जिसका लक्ष्य 31 मार्च 2027 तक एक करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाकर उन्हें हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देना है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया है कि देश में फिलहाल हर छह दिन में एक लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लग रहे हैं और आने वाले समय में यह रफ्तार और तेज होकर हर चार से पांच दिन में एक लाख सिस्टम तक पहुंच सकती है।
सब्सिडी की राशि सोलर सिस्टम की क्षमता पर निर्भर करती है। एक किलोवाट के सिस्टम पर ₹30000, दो किलोवाट पर ₹60000 और तीन किलोवाट या उससे ज्यादा क्षमता पर अधिकतम ₹78000 तक की केंद्रीय वित्तीय सहायता मिलती है। तीन किलोवाट से बड़ा सिस्टम लगाने पर भी सब्सिडी ₹78000 पर ही सीमित रहती है। सोलर पैनल से दिन में बनी बिजली घर के काम आती है और बची हुई बिजली नेट मीटरिंग के जरिये ग्रिड में जाती है, जिसका क्रेडिट बिजली बिल में समायोजित होता है। इसी वजह से 200 से 300 यूनिट तक खपत वाले घरों का बिल लगभग शून्य तक पहुंच सकता है, हालांकि ज्यादा खपत वाले घरों में बिल कम तो होगा, पर पूरी तरह शून्य होना जरूरी नहीं है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक भारत का नागरिक हो, उसके पास छत पर पैनल लगाने के लिए पर्याप्त जगह हो और उसके नाम पर वैध बिजली कनेक्शन हो। पहले किसी अन्य सरकारी योजना से सोलर सब्सिडी ले चुका परिवार इस योजना में पात्र नहीं माना जाता। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और राष्ट्रीय पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर होती है। पोर्टल पर राज्य और बिजली वितरण कंपनी चुनकर उपभोक्ता संख्या, मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज करना होता है। इसके बाद वितरण कंपनी से फिजिबिलिटी मंजूरी मिलने पर उसके पंजीकृत वेंडर से पैनल लगवाए जाते हैं। इंस्टॉलेशन और नेट मीटर लगने के बाद कमीशनिंग रिपोर्ट जमा होती है और सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। तीन किलोवाट तक के सिस्टम के लिए जनसमर्थ पोर्टल के जरिये कम ब्याज पर बिना गिरवी के ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है।
हरियाणा के घरों के लिए भी यह योजना उतनी ही लागू है जितनी देश के बाकी हिस्सों के लिए। पोर्टल पर आवेदन करते समय अपने क्षेत्र की बिजली वितरण कंपनी का सही चुनाव करना जरूरी है, ताकि फिजिबिलिटी और वेंडर की प्रक्रिया में देरी न हो। आवेदन केवल आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल से ही करें और किसी बिचौलिए या अनजान लिंक पर भरोसा न करें, क्योंकि सब्सिडी की राशि सीधे सरकारी प्रक्रिया से ही खाते में आती है। छत की दिशा, छाया और बिजली खपत के हिसाब से सही क्षमता चुनना समझदारी होगी, ताकि निवेश का पूरा फायदा मिल सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
1. पीएम सूर्य घर योजना में कितनी मुफ्त बिजली मिलती है?
उत्तर: इस योजना का लक्ष्य एक करोड़ घरों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देना है।
2. सोलर पैनल पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
उत्तर: एक किलोवाट पर ₹30000, दो किलोवाट पर ₹60000 और तीन किलोवाट या उससे ज्यादा पर अधिकतम ₹78000 तक की सब्सिडी मिलती है।
3. आवेदन कहां और कैसे करें?
उत्तर: राष्ट्रीय पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर ‘Apply for Rooftop Solar’ के जरिये राज्य, वितरण कंपनी और उपभोक्ता संख्या दर्ज करके ऑनलाइन आवेदन करें।
4. सब्सिडी कब और कैसे मिलेगी?
उत्तर: पंजीकृत वेंडर से इंस्टॉलेशन और नेट मीटर लगने के बाद कमीशनिंग रिपोर्ट जमा होने पर सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

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