शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026 • हरियाणा 📱 WhatsApp Channel  |  मौसम  |  संपर्क
विकास

हरियाणा निर्यात 5 साल में दोगुना: सैनी ने गुरुग्राम FTA कार्यशाला में रखा 40 अरब डॉलर का लक्ष्य

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा निर्यात 5 साल में दोगुना: सैनी ने गुरुग्राम FTA कार्यशाला में रखा 40 अरब डॉलर का लक्ष्य
  • तारीख़: 3 नवम्बर 2026, 9:16 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: विकास
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

गुरुग्राम। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को गुरुग्राम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए अगले पांच वर्षों में प्रदेश का निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2025-26 में हरियाणा का मर्चेंडाइज निर्यात 20 अरब डॉलर से अधिक रहा है, जिससे प्रदेश देश में छठे स्थान पर है, और इसी आधार को दोगुना करके 40 अरब डॉलर तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। कार्यशाला का विषय भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का लाभ उठाना था, ताकि हरियाणा के उद्योग, एमएसएमई, किसान और युवा वैश्विक बाजारों से सीधे जुड़ सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के उत्पादों को दुनिया के हर बाजार तक पहुंचाना है।

गुरुग्राम के होटल ग्रैंड हयात में आयोजित ‘लेवरेजिंग एफटीए – आउटरीच प्रोग्राम’ का शुभारंभ प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने किया। इस कार्यशाला का आयोजन हरियाणा सरकार के एमएसएमई निदेशालय द्वारा भारत सरकार के वाणिज्य विभाग, विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) और इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (आईटीपीओ) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव, हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के कमिश्नर एवं सचिव डॉ. अमित के. अग्रवाल, गुरुग्राम के डिविजनल कमिश्नर रवि प्रकाश गुप्ता, एमएसएमई विभाग के महानिदेशक डॉ. यश गर्ग और एचएसआईआईडीसी के एमडी विनय प्रताप सिंह सहित केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, व्यापार विशेषज्ञ तथा औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। तकनीकी सत्रों में एफटीए के अवसरों, गैर-टैरिफ उपायों, ट्रेड कनेक्ट पोर्टल और निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि हरियाणा ने 1 नवंबर को अपनी स्थापना के 60 गौरवशाली वर्ष पूरे किए हैं और इन छह दशकों में प्रदेश के किसानों, श्रमिकों और उद्यमियों की मेहनत ने हरियाणा को कृषि और उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से 36 विकसित देशों के बाजारों तक पहुंच के नए अवसर खुले हैं। गुरुग्राम के ऑटोमोबाइल और आईटी क्षेत्र, फरीदाबाद के इंजीनियरिंग उत्पाद, पानीपत के होम टेक्सटाइल, करनाल के बासमती चावल, झज्जर के फुटवियर और अंबाला के वैज्ञानिक उपकरण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की पहचान हैं। भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने से टेक्सटाइल, गारमेंट और फुटवियर सहित कई क्षेत्रों के लिए नए अवसर खुले हैं, जिनका पूरा लाभ उठाने के लिए निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग, टैरिफ रियायतों, रूल्स ऑफ ओरिजिन और गुणवत्ता मानकों की जानकारी होना जरूरी है।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हरियाणा सरकार ने हाल ही में हरियाणा प्रोग्रेसिव एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026 अधिसूचित की है, जिसके तहत छोटे उद्यमियों, पहली बार निर्यात करने वालों, महिला उद्यमियों और ग्रामीण उत्पादकों को वैश्विक बाजार से जोड़ने तथा उनके जोखिम कम करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026 के तहत बड़े उद्योगों को निर्यात प्रोत्साहन आधारित विशेष लाभ दिए जाएंगे। मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि नई औद्योगिक और एमएसएमई नीतियों को अंतिम रूप देने से पहले उद्योगपतियों के 70 प्रतिशत से अधिक सुझावों को शामिल किया गया है और सरकार का उद्देश्य इन योजनाओं का लाभ अंतिम लाभार्थी तक पहुंचाना है। वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव ने बताया कि यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे बड़े बाजारों में हरियाणा के निर्यातकों के लिए व्यापक संभावनाएं खुली हैं। डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि गुरुग्राम की यह कार्यशाला एक व्यापक पहल की शुरुआत है — इसके तहत प्रदेश के हर जिले में उत्पाद और सेक्टर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और हर जिले की निर्यात विकास योजना तैयार की जाएगी।


प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *