प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 जुलाई को हरियाणा के जींद दौरे पर आएंगे। अपने लगभग 12 वर्षों के कार्यकाल में यह उनका हरियाणा का 18वां दौरा होगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे और कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे।
प्रधानमंत्री का यह दौरा हरियाणा के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। एक ओर भारत स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक रेलवे की दिशा में नया अध्याय लिखने जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जींद से विकास और आत्मनिर्भर भारत का मजबूत संदेश पूरे देश तक पहुंचेगा।
जींद को लंबे समय से हरियाणा की राजनीतिक धुरी माना जाता है। प्रदेश के मध्य में स्थित यह जिला वर्षों से बड़े राजनीतिक आयोजनों का केंद्र रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का इसी धरती से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को रवाना करना राजनीतिक और विकास—दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य हरियाणा में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना, बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना और विकास कार्यों को नई गति देना है।
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर जींद में तैयारियां तेज़ हैं। शहर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है और प्रशासन सुरक्षा तथा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
17 जुलाई का यह दौरा केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि हरित ऊर्जा, आधुनिक तकनीक, रेलवे के भविष्य और हरियाणा के विकास की नई दिशा को भी रेखांकित करेगा। देशभर की निगाहें अब जींद पर टिकी हैं, जहां से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन अपनी ऐतिहासिक शुरुआत करेगी।
