हरियाणा में हवा हुई जहरीली: कैथल गुरुग्राम फरीदाबाद का AQI 300 पार, सुबह शाम बढ़ी ठंड
नवंबर की शुरुआत के साथ ही हरियाणा के कई शहरों में हवा की गुणवत्ता गंभीर रूप से खराब हो गई है। 2 नवंबर की सुबह जारी समेकित आंकड़ों के अनुसार कैथल, गुरुग्राम, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है।
सुबह 8 बजे तक के केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान और सफर के समेकित आंकड़ों में कैथल 324 के साथ सबसे ऊपर रहा। गुरुग्राम में सूचकांक 318, फरीदाबाद में 312 और बहादुरगढ़ में 305 दर्ज किया गया। हिसार में भी सूचकांक 188 तक पहुंच गया, जो खराब श्रेणी के करीब है। एक दिन पहले 1 नवंबर की शाम को हिसार का सूचकांक 133 था, यानी एक ही दिन में हवा की गुणवत्ता में साफ गिरावट आई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार धीमी हवा और वातावरण में पीएम 2.5 तथा पीएम 10 कणों का स्तर बढ़ना प्रदूषण बढ़ने की मुख्य वजह है। गुरुग्राम और फरीदाबाद के निगरानी केंद्रों पर पीएम 2.5 का औसत स्तर 175 से 195 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा, जबकि मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। सोनीपत, पानीपत और गुरुग्राम क्षेत्र में पीएम 10 का स्तर 310 से 345 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंचने की सूचना है।
इसके साथ ही प्रदेश में सुबह और शाम ठंड का असर भी बढ़ने लगा है। दोपहर में हल्की धूप के बीच भी ठंड का एहसास हो रहा है, और आने वाले दिनों में सुबह-शाम की ठंड और बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 5 नवंबर तक प्रदेश में मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है, जिससे प्रदूषण के कणों के छंटने में देर लग सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि बुजुर्ग, बच्चे और सांस तथा हृदय रोग से पीड़ित लोग सुबह के समय बाहर निकलने से बचें और जरूरत पड़ने पर मास्क का उपयोग करें। सुबह की सैर करने वालों को भी कुछ दिन धुंध और प्रदूषण की स्थिति देखकर ही बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है। वाहन चालकों को सुबह के समय धुंध में धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की गई है।
प्रशासन की ओर से वायु गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों से अपील की गई है कि वे खुले में कूड़ा या पराली न जलाएं, ताकि हवा की गुणवत्ता और खराब न हो।
