लखनऊ में अमित शाह की राहुल-अखिलेश को खुली चुनौती, वोट चोरी पर संसद में बहस के लिए तैयार विशेष सत्र
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लखनऊ में विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर संसद में खुली बहस की चुनौती दी है। उत्तर प्रदेश भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से कहा कि वे चुनाव आयोग पर लगाए गए अपने सभी आरोप संसद के भीतर आकर रखें, ताकि हर सवाल का आमने-सामने जवाब दिया जा सके।
शाह ने कहा कि चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं, लेकिन विपक्ष के नेता संसद में इस विषय पर चर्चा करने की बजाय सड़कों पर प्रदर्शन करना पसंद करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद विपक्ष अंपायर यानी चुनाव आयोग पर ठीकरा फोड़ता है, जबकि हार के बाद आत्ममंथन करना और तैयारी मजबूत करना ही सही रास्ता होता है। उनके अनुसार, राहुल गांधी संसद में चर्चा से बचेंगे और सदन में हंगामा खड़ा करेंगे, लेकिन भाजपा बहस से पीछे नहीं हटेगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगा रहा है। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग का कार्यक्रम भी प्रस्तावित किया था, जो बेमौसम बारिश के कारण टल गया था और अब 31 अक्टूबर को आयोजित करने की तैयारी है। इसके बाद 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में भी विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित है।
लखनऊ में 30 और 31 अक्टूबर को आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति पर भी मंथन हो रहा है। शाह ने बैठक का उद्घाटन किया, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समापन सत्र में शामिल होंगे। भाजपा का कहना है कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करके और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाकर पार्टी 2027 की तैयारी को और धार देगी।
