हरियाणा सफाई कर्मचारियों को राहत: 21 हजार सफाईकर्मियों और सीवरमैन को हर माह मिलेगा 2000 रुपये जोखिम भत्ता
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के नगर निकायों में काम कर रहे सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को बड़ी राहत दी है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने आदेश जारी करके नियमित सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को हर महीने 2000 रुपये का जोखिम भत्ता देने का फैसला लागू कर दिया है। यह भत्ता तत्काल प्रभाव से लागू होगा और प्रदेश के करीब 21 हजार कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।
इस फैसले से नियमित सफाई कर्मचारियों को अब वही जोखिम भत्ता मिलेगा जो पहले से पालिका रोल पर काम कर रहे सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को दिया जा रहा है। विभाग का यह आदेश प्रदेश के सभी नगर निगमों, जिला नगर आयुक्तों, नगर परिषदों के कार्यकारी अधिकारियों और नगर समितियों के सचिवों को भेजा गया है ताकि हर जगह इसे एक समान रूप से लागू किया जा सके।
जोखिम भत्ता मिलने के साथ ही एक पुरानी व्यवस्था में बदलाव भी किया गया है। नियमित सफाई कर्मचारियों को जोखिम भत्ते के बदले में दी जा रही प्रदर्शन आधारित वार्षिक प्रोत्साहन राशि अब वापस ले ली गई है। पहले इस प्रोत्साहन के रूप में 12000 रुपये और 9000 रुपये की सालाना राशि दी जाती थी। विभागीय आदेश में साफ किया गया है कि अब मासिक जोखिम भत्ता ही लागू रहेगा।
यह आदेश वित्त विभाग और मानव संसाधन विभाग की सहमति के बाद जारी हुआ है। यह सहमति 22 अक्टूबर को मिली थी। विभाग के 29 अक्टूबर के पत्र के अनुसार 2000 रुपये मासिक जोखिम भत्ते पर होने वाला खर्च संबंधित नगरपालिका को अपने उपलब्ध फंड और संसाधनों से वहन करना होगा। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से कोई अतिरिक्त अनुदान या वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी।
सफाई कर्मचारी और सीवरमैन ऐसे काम करते हैं जिनमें स्वास्थ्य को लेकर जोखिम सबसे ज्यादा रहता है। नालों और सीवर की सफाई से लेकर शहर की साफ-सफाई तक, इन कर्मचारियों की मेहनत से ही शहर स्वच्छ रहते हैं। सरकार का मानना है कि जोखिम भत्ता मिलने से इन कर्मचारियों के हितों की रक्षा होगी और उनके काम को उचित सम्मान मिलेगा। नगर निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश का पालन सुनिश्चित करें ताकि किसी भी पात्र कर्मचारी को भत्ते से वंचित न रहना पड़े।
