हरियाणा: सैनी ने होमी भाभा की जयंती और स्वामी दयानंद सरस्वती की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 30 अक्टूबर को दो महान व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने डॉ. होमी जहांगीर भाभा की जयंती पर उन्हें नमन किया और आर्य समाज के संस्थापक महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की पुण्यतिथि पर भी विनम्र श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने दोनों ही व्यक्तित्वों के योगदान को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणादायी बताया।
डॉ. होमी भाभा को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें भारत के परमाणु कार्यक्रम का जनक बताया। उन्होंने कहा कि भाभा की दूरदर्शी सोच, अद्वितीय वैज्ञानिक प्रतिभा और अथक परिश्रम ने भारत को परमाणु विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान दी। मुख्यमंत्री के अनुसार भाभा ने आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की मजबूत नींव रखी और राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। भाभा का जन्म 30 अक्टूबर 1909 को हुआ था और आज उनकी 117वीं जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने 1945 में टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान की स्थापना की और 1948 में बने परमाणु ऊर्जा आयोग के पहले अध्यक्ष बने। 1966 में एक विमान दुर्घटना में उनका निधन हो गया था, लेकिन उनके बनाए संस्थान आज भी भारत की वैज्ञानिक प्रगति की रीढ़ हैं।
स्वामी दयानंद सरस्वती को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सुधार और वैदिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिए समर्पित कर दिया था। दयानंद ने अंधविश्वास, जातिगत भेदभाव और असमानता के खिलाफ संघर्ष किया और शिक्षा, समानता तथा महिला सशक्तिकरण के लिए काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका संघर्ष समाज को हमेशा नई दिशा देता रहेगा। स्वामी दयानंद ने 1875 में आर्य समाज की स्थापना की थी। उनका निधन 30 अक्टूबर 1883 को हुआ था और आज उनकी 143वीं पुण्यतिथि है। आर्य समाज की हरियाणा और पंजाब में गहरी जड़ें हैं और उसके सुधारवादी विचारों ने पीढ़ियों को प्रभावित किया है।
मुख्यमंत्री की इन श्रद्धांजलियों के माध्यम से विज्ञान के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और समाज सुधार की परंपरा, दोनों को एक साथ याद किया गया है।
