हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना खरीफ 2026: धान छोड़ने पर 10000 रुपये प्रति एकड़ तक की सहायता जानें पात्रता और आवेदन
पंचकूला: हरियाणा में भूजल बचाने और खेती में विविधता लाने के लिए चल रही मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत खरीफ 2026 में किसानों को प्रति एकड़ 10000 रुपये तक की सहायता मिलेगी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया है कि धान की जगह वैकल्पिक फसलें उगाने वाले किसानों को 8000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जो किसान दलहन तिलहन या कपास की खेती करेंगे उन्हें 2000 रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त बोनस मिलेगा जिससे कुल सहायता 10000 रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच जाएगी।
यह योजना उन किसानों के लिए है जिन्होंने पिछले वर्षों में धान की खेती की है और अब कम पानी वाली फसलों की ओर जाना चाहते हैं। इसका मकसद भूजल के गिरते स्तर को रोकना और मिट्टी की सेहत सुधारना है। धान बहुत अधिक पानी वाली फसल है जबकि दलहन तिलहन मक्का और कपास जैसी फसलों में पानी कम लगता है। सरकार का मानना है कि फसल विविधीकरण से किसान की आय भी स्थिर रहेगी और पर्यावरण भी बचेगा।
योजना के तहत लाभ लेने के लिए किसान को अपनी फसल का ब्यौरा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज कराना होता है। सहायता राशि सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है। खेत की भौतिक जांच के बाद ही भुगतान किया जाता है इसलिए किसान को सही जानकारी दर्ज करानी चाहिए। अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि विभाग की वेबसाइट agriharyana.gov.in देख सकते हैं या हेल्पलाइन 0172-2571553 और 0172-2571544 पर संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी कई मौकों पर कम पानी वाली खेती पर जोर दिया है। हिसार में आयोजित कृषि मेले में उन्होंने कहा था कि पानी है तो खेती है गांव है और जीवन है। अब तक इस योजना के तहत 1.59 लाख किसानों को 2.34 लाख एकड़ पर वैकल्पिक फसलें उगाने के लिए 166.34 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। खरीफ 2026 का यह नया प्रोत्साहन उन किसानों के लिए खास मौका है जो धान छोड़कर दलहन तिलहन या कपास की ओर बढ़ना चाहते हैं।
